बेटा तूने कहा था कि पापा मैं जिंदगी में कुछ ऐसा काम करना चाहती हूं जिससे पूरे गांव में आपका नाम रोशन हो। आप जहां से गुजरें तो लोग कहे कि वो रीता के पापा हैं लेकिन तूने ये क्या किया, इस तरह से नाम रोशन नहीं करना था। ये शब्द हैं एक पिता के जिनकी 22 साल की बेटी रीता मंगलवार रात फंदे पर झूल गई। वह दो साल से हनुमंत विहार में किराये का कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
फतेहपुर के बिंदकी निवासी रामप्रताप ने बताया कि वे किसान हैं। परिवार में पत्नी निशा देवी, बेटा हिमांशु और बेटी रीता थी। रक्षाबंधन पर वह अपने घर गई थी। पिता के अनुसार उस वक्त रीता ने कहा था कि उस पर पूरे गांव को फर्क होगा। बोले, बेटी को कानपुर में कुछ बनने के लिए भेजा था लेकिन उसका शव लेकर लौटना पड़ रहा है। हनुमंत विहार थाना प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि छात्रा के आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।