मिट्टी के उर्वरा चक्र को सक्रिय रखते हैं सूक्ष्म तत्व
50 साल पहले इसका प्रतिशत दो होता था और अब .1 और .2 दो प्रतिशत रह गया। सूक्ष्म जीव इससे पोषण पाते हैं। आर्गेनिक तत्व इन सूक्ष्म जीवों की सक्रियता को बढ़ाता है। इको सिस्टम में इन जीवों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। साथ ही ये मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाते हैं। मिट्टी के 18 पौष्टिक तत्वों को सक्रिय करते हैं। सीएसए के वरिष्ठ मृदा विज्ञानी डॉ. खलील खान का कहना है कि सूक्ष्म तत्व मिट्टी के उर्वरा चक्र को सक्रिय रखते हैं।
पौष्टिकता से भरपूर रहेगी फसल
मृदा जांचों में अन्य पौष्टिक तत्वों के साथ सूक्ष्म जीव भी घटे हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से गोबर की खाद का अधिक इस्तेमाल करने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि फसलों के अवशेषों को जलाएं नहीं, उन्हें खेतों में सड़ने दें और जोत दें। केंचुए की खाद, हरी खाद आदि के इस्तेमाल से भी इन सूक्ष्म जीवों का बचाव होगा। साथ ही, फसल पौष्टिकता से भरपूर रहेगी।
इसलिए जरूरी हैं सूक्ष्म जीव
सूक्ष्म जीव पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण करते हैं, कार्बनिक पदार्थों को अपघटित करते हैं। इससे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, सल्फर आदि पोषक तत्व पौधों के अवशोषण के लिए उपलब्ध होते हैं। नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं। कवक के धागे मिट्टी के कणों को बांधकर रखते हैं। इससे छिद्रयुक्त मिट्टी बनती है। पौधों की सुरक्षा करते हैं। जैव उपचार भी करते हैं।
सूक्ष्म जीवों का मुख्य प्रकार
-बैक्टीरिया, कवक, एक्टिनोमाइसेट्स, प्रोटोजोआ।