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Fake Marksheet Case: आठ विश्वविद्यालयों के 49 बाबू शक के घेरे में, एसआईटी कर सकती है पूछताछ, मिले ये अहम सुराग

Wed, 25 Feb 2026 09:41 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर के फर्जी डिग्री मामले में एसआईटी अब विश्वविद्यालयों के भीतर छिपे मददगारों पर शिकंजा कस रही है। 49 बाबुओं की संलिप्तता के अंदेशे के बीच पांच टीमें अलग-अलग राज्यों में जांच के लिए भेजी गई हैं।
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मार्कशीट मामले में पकड़े गए आरोपी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में रुपये लेकर डिग्री बेचने के मामले में एसआईटी की शक की सुई विश्वविद्यालयों के बाबुओं व अन्य स्टाफ पर घूम रही है। अंदेशा है कि इन्होंने न सिर्फ आरोपियों के साथ मिलीभगत कर फर्जीवाड़े के खेल में सहयोग किया, बल्कि कुछ दस्तावेजों में हेराफेरी भी की। यह जानकारी एसआईटी की प्रारंभिक जांच से सामने आई है। अब तक 49 लिपिक शक के घेरे में हैं।

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एसआईटी ने आठ विश्वविद्यालयों से इन बाबुओं की डिटेल मांगी है। जल्द ही इनसे पूछताछ हो सकती है। किदवईनगर पुलिस ने रुपये लेकर डिग्री और अन्य दस्तावेज बनाने के आरोप में चार युवकों को गिरफ्तार किया था। इनकी जांच करने पर आरोपियों के तार देश के 14 विश्वविद्यालयों से जुड़े मिले। उनकी डिग्रियां बनाई गई थीं। पुलिस और एसआईटी ने कड़ियां खंगाली।

लिपिकाें की डिटेल निकाल रही है पुलिस
आरोपियों की कॉल डिटेल चेक की जिसमें चौंकाने वाले तथ्य मिले। आरोपियों की कॉल डिटेल में कई विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों के नंबर मिले। कुछ को व्हाट्सएप कॉल भी की गई थी। आसपास में दस्तावेजों और पीडीएफ फाइल का आदान प्रदान भी हुआ है। पुलिस इसकी जानकारी जुटाने के लिए विश्वविद्यालयों के विभिन्न पटलों पर पूर्व व मौजूदा समय में तैनात लिपिकाें की डिटेल निकाल रही है।

विश्वविद्यालयों को कुछ मार्कशीट व डिग्रियां भेजीं
एसआईटी सूत्रों के मुताबिक कुछ मार्कशीट व डिग्रियों की फोटो व कार्रवाई के दौरा ली गई वीडियो को संबंधित विश्वविद्यालयों को भेजा गया है। विश्वविद्यालय भी अपने स्तर पर जांच करा रही है। उन्होंने कुछ मार्कशीट व डिग्रियों में विशेष तरह के नंबरों को पुलिस से स्कैन करके भेजने के लिए कहा है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से विश्वविद्यालयों के शीर्ष अधिकारियों की बातचीत चल रही है।

लगातार फेल होने के बाद पास छात्राें की डिटेल मांगी
एसआईटी ने विश्वविद्यालयों से पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगातार फेल होने के बाद अचानक पास हुए ऐसे छात्रों की डिटेल मांगी है। अब उन डिटेल का आरोपियों के पास से मिली डिग्री व मार्कशीट से मिलान कराया जाएगा। अगर उन छात्रों की मार्कशीट या ऐसे कोई रिकार्ड आरोपियों के पास से बरामद होते हैं तो उन छात्रों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। विश्वविद्यालय से उनके रोल नंबर व अन्य जानकारियां मांग गई हैं।

पांच आरोपियों की तलाश में दबिश
किदवईनगर पुलिस ने मास्टर माइंड शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेश मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र, अश्वनी कुमार सिंह को पहले जेल भेजा था जबकि आरोपी छतरपुर निवासी मयंक भारद्वाज, हैदराबाद का मनीष, गाजियाबाद का विनीत, भोपाल का शेखू और शुभम दुबे की तलाश जारी है।
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एसआईटी की पांच टीमें अलग-अलग विश्वविद्यालयों में जांच के लिए रवाना हो गई हैं। वह वहां के कर्मचारियों, छात्रों, डिग्री और मार्कशीट के संबंध में जानकारी जुटाएगी। कुछ संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं। उनसे जल्द ही पूछताछ होगी।  -संकल्प शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त, अपराध
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