कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की सख्ती के बावजूद समाज कल्याण अधिकारी रहे शिवम सागर 327 शिकायतों पर कुंडली मारे बैठे रहे। इनकी लाॅगइन पर तीन महीने से 327 आईजीआरएस शिकायतें लंबित पड़ी हैं। अधिकारी के निलंबन के बाद जब एसीएम चतुर्थ पुष्पेंद्र कुमार ने समाज कल्याण अधिकारी पद का अतिरिक्त प्रभार संभाला और विभागीय योजनाओं की समीक्षा शुरू की, तो लापरवाही की परतें खुलने लगीं।
शिवम सागर करीब आठ माह तक कानपुर में समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात रहे। अप्रैल में वह एक माह की छुट्टी लेकर गए और करीब तीन माह तक नहीं लौटे। सबसे गंभीर स्थिति मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले आईजीआरएस की रही। समाज कल्याण विभाग की सामूहिक विवाह योजना की स्थिति भी बेहद खराब मिली। वित्तीय वर्ष के सात महीने बीत जाने के बावजूद योजना के लिए टेंडर तक फाइनल नहीं हो सके। जिले में करीब 1500 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित है।