मंत्री राकेश सचान से मिलते रवि सतीजा व अन्य
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कानपुर में पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने शुक्रवार को अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ आई शिकायतों की जांच की प्रगति जानने के लिए अधिकारियों संग बैठक की। एसआईटी की पांच से छह शिकायतों की जांच से वह संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने अधिकारियों को फिर से जांच करने के निर्देश दिए। कहा कि यह मामले 10 से 15 साल पुराने हैं। उसके लिए ठोस साक्ष्य होना जरूरी है। रुपये के लेनदेन में अकाउंट की डिटेल और अन्य दस्तावेज के सबूत रखे जाएं। कॉल डिटेल के साथ गवाहों के बयान भी रहें। उन्होंने कहा कि उन पर कार्रवाई रोकने का कोई दबाव नहीं है। बर्शते साक्ष्य जरूरी है।
पुलिस कमिश्नर ने एसआईटी के अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ आईं 52 शिकायतों के संबंध में समीक्षा की। उसमें क्या-क्या आख्या रही उसके संबंध में अफसरों से सवाल-जवाब किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, धीमी जांच पर पुलिस कमिश्नर ने अफसरों को आड़े हाथों लिया। एसआईटी की ओर से कुछ शिकायतों की आख्या प्रस्तुत की गई जिसको और अच्छी तरह से जांच करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में एसआईटी के सदस्यों के अलावा संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध विनोद कुमार सिंह, डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह, डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी व अन्य अधिकारी शामिल हुए।
आरोपी अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा और पीड़ित रवि सतीजा
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कुछ शिकायतों में सीधे अखिलेश दुबे शामिल नहीं
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 12 से 14 शिकायतें ऐसी मिली हैं जिनमें अखिलेश दुबे सीधे तौर पर शामिल नहीं है। मुख्य आरोप उसके साथियों पर है, जबकि वादी की ओर से शिकायत को मजबूती देने के लिए अखिलेश दुबे का नाम लिया गया है। चार शिकायतों में अखिलेश दुबे के नाम पर धमकाने और अंजाम भुगतने की शिकायत की गई। दो शिकायतों में शिकायतकर्ता ने कहा है कि तत्कालीन थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने अखिलेश दुबे के प्रभाव से कार्रवाई नहीं की थी।
अखिलेश दुबे
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डकैती के मुकदमे में अखिलेश की जमानत पर सुनवाई 29 को
क्लासिक होटल की मालकिन रही प्रज्ञा तिवारी द्वारा 14 साल पहले जूही थाने में दर्ज कराए गए रंगदारी, बलवा व डकैती से संबंधित मुकदमे में भी अखिलेश की ओर से जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल कर दी गई है। इस मुकदमे में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
अखिलेश दुबे को कोर्ट लेकर पहुंची पुलिस
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अखिलेश दुबे मामले में पीड़ित सीएम से करेंगे मुलाकात
जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर कमिश्नरी पुलिस की सुस्ती अब पीड़ितों को अखरने लगी है। अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा के सदस्य और भाजपा नेता रवि सतीजा ने बैठक की। इसमें तय किया गया कि अखिलेश के सताए सभी पीड़ितों को लेकर लखनऊ में सीएम से मुलाकात करेंगे। वह उनसे फिर लंबित शिकायतों में रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारियों की मांग करेंगे। अखिलेश दुबे प्रकरण में कमिश्नरी पुलिस ने पहली एफआईआर छह अगस्त को भाजपा नेता रवि सतीजा की तहरीर पर बर्रा थाने में दर्ज की थी। इसके बाद अगले तीन दिनों के भीतर एसआईटी के निर्देश पर पुलिस ने कोतवाली, ग्वालटोली, किदवईनगर में भी रिपोर्ट दर्ज कर लीं। हालांकि इसके बाद से कार्रवाई लगभग सुस्त होती चली गई।
कचहरी में खड़ी पुलिस
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बैठक में अखिलेश दुबे और उसके साथियों पर दर्ज एफआईआर में नामजद कई आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का कारण पूछा। अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर को स्टे आर्डर होने की जानकारी दी जिस पर आगे की रणनीति बनाने के लिए निर्देश दिए। कुछ मामलों में गवाहों के सामने नहीं आने की बात बताई गई। इस पर उन्होंने जांच कर रहे अधिकारियों को गवाहों के बयान लेने के लिए निर्देशित किया। एसआईटी जांच कर रही है। पर्याप्त सबूत के साथ रिपोर्ट जारी होगी, जिसके बाद ही एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार पांडेय, स्टाफ ऑफिसर, कमिश्नरी पुलिस