कमिश्नरी पुलिस की ओर से गंभीर मामलों की जांच के लिए बनी एसआईटी का गुरुवार शाम पुनर्गठन कर दिया गया। इसमें डीसीपी क्राइम समेत चारों अधिकारी बदल गए हैं जबकि डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय नई टीम बनाई गई है। यह व्यवस्था एसआईटी पर आरोपियों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों और बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए की गई है।
करीब पांच महीने पहले एसआईटी का गठन किया गया था जिसकी अध्यक्षता डीसीपी क्राइम कर रहे थे। टीम में एडीसीपी क्राइम, एडीसीपी सेंट्रल और एडीसीपी एलआईयू शामिल थे। एसआईटी अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ जांच कर रही थी। उनकी जांच के बाद बर्रा, किदवईनगर, कोतवाली, ग्वालटोली, कल्याणपुर थाने में एफआईआर हुई। एसआईटी की जांच में तीन क्षेत्राधिकारी, एक इंस्पेक्टर, केडीए के पूर्व व वर्तमान कर्मचारी की आरोपियों से संलिप्तता पाई गई।
एडीसीपी साउथ
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इन सभी को बयान के लिए शुक्रवार और शनिवार को बुलाया गया है। इस बीच एसआईटी पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया गया। बिना वजह और ठोस साक्ष्य के फंसाने की बात कहकर शासन से शिकायत की गई। सूत्र बताते हैं कि एक सदस्य के पास धमकी भरी कॉल भी आई थी।
डीसीपी पूर्वी
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इधर शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने जांच को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से बनाने के लिए गुरुवार की शाम को एसआईटी का पुनर्गठन कर दिया।
आकांक्षा पांडेय
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यह अधिकारी रहेंगे शामिल
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता अध्यक्ष, एडीसीपी दक्षिण योगेश कुमार, एडीसीपी मुख्यालय अर्चना सिंह, एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडेय, एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय, एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया, एसीपी बाबूपुरवा दिलीप कुमार सिंह, एसीपी स्वरूपनगर इंद्रप्रकाश सिंह शामिल हैं।
डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी
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एफआईआर की समीक्षा करेंगे जेसीपी अपराध
सभी तरह की जांचों की समीक्षा संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार करेंगे। एफआईआर और कोर्ट संबंधी कार्रवाई की समीक्षा संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध वीके सिंह करेंगे। दोनों ही अधिकारी हर हफ्ते समीक्षा की रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को देंगे।