सहायक श्रमायुक्त डॉ. नीकी नैनसी की अगुवाई में मंगलवार दोपहर को श्रम प्रवर्तन अधिकारी दबौली दुर्गा मंदिर के पास स्थित कपड़े की दुकान पहुंचे। यहां तीन बच्चे काम करते मिले। पुलिस दुकानदार को थाने ले आई। नोटिस देकर उसे छोड़ तो दिया लेकिन विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कानपुर में बाल श्रमिकों को चिह्नित करने के बाद उन्हें छुड़ाने गई श्रम विभाग की टीम से दुकानदार भिड़ गया। कार्रवाई का विरोध जताते हुए दूसरे दुकानदार भी उसके समर्थन में आ गए। बाद में अफसरों को पुलिस बुलानी पड़ी। दुकानदार को थाने ले जाकर बच्चों की उम्र से संबंधी दस्तावेज जमा करने का नोटिस दिया है।
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सहायक श्रमायुक्त डॉ. नीकी नैनसी की अगुवाई में मंगलवार दोपहर को श्रम प्रवर्तन अधिकारी दबौली दुर्गा मंदिर के पास स्थित कपड़े की दुकान पहुंचे। यहां तीन बच्चे काम करते मिले। दुकानदार से बच्चों के संबंध में जानकारी मांगी तो उसने दूसरे दुकानदारों को बुला लिया और विरोध शुरू कर दिया।
इसके बाद अफसरों ने गोविंदनगर पुलिस बुला ली और दुकानदार को थाने ले आई। नोटिस देकर उसे छोड़ तो दिया लेकिन विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि अध्यक्ष, राज्य बाल आयोग अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर एक से 10 मई तक चलाए गए अभियान में 37 जगहों से 50 किशोरों को छुड़ाया गया है। इन किशोरों को कौशल विकास संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। अपर श्रमायुक्त एसपी शुक्ला ने बताया कि श्रम कल्याण परिषद की योजनाओं की जानकारी देने के लिए उद्यमियों और व्यापारियों के साथ बैठक भी की गई।