आरोपी अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा और पीड़ित रवि सतीजा
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भाजपा नेता रवि सतीजा को दुष्कर्म के झूठे आरोप में फंसाने वाला अधिवक्ता अखिलेश का साथी शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू रविवार दोपहर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। यह भी अधिवक्ता है। बर्रा, नौबस्ता और किदवईनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे नौबस्ता बाईपास के पास से पकड़ा है। नौबस्ता पुलिस ने थाने में रखकर उससे पूछताछ की है।
भाजपा नेता रवि सतीजा ने छह अगस्त को शैलेंद्र, अखिलेश दुबे व अन्य के खिलाफ बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि शैलेंद्र ने अखिलेश के कहने पर रुपयों का लालच देकर सामूहिक दुष्कर्म के झूठे आरोप लगाने के लिए किशोरी को तैयार किया था। इसके बदले में उसे कुछ हजार रुपये दिए थे। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले को खत्म कराने के बदले अखिलेश दुबे ने 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी। मामले में अधिवक्ता अखिलेश दुबे को बर्रा पुलिस ने छह अगस्त को एसआईटी के कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया था जबकि उसके साथी लवी मिश्रा को उसी दिन नौबस्ता-घाटमपुर रोड से गिरफ्तार किया था।