राजीव सिंह, को-फाउंडर, केश्री ब्रोकिंग
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कानपुर में शेयर बाजार की उठापटक से निवेशकों को कभी तगड़ा मुनाफा होता है तो कभी नुकसान। लोगों को लगता है कि इसमें करोड़ों लोग जुड़े हैं। हालांकि देश में केवल 9.5 प्रतिशत परिवार ही प्रतिभूति बाजार (म्युचुअल फंड, स्टॉक, ईटीएफ, एफएंडओ आदि) में निवेश कर रहे हैं। कानपुर समेत उत्तर प्रदेश का हर 20वां परिवार ही इसमें निवेश कर रहा है। सेबी की हालिया रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। आबादी के लिहाज से प्रदेश में निवेशकों का प्रतिशत सिर्फ 5.3 है। दिल्ली में 20.7, महाराष्ट्र में 17 और गोवा में 15.5 प्रतिशत परिवार ही इससे जुड़े हैं। रिपोर्ट में बड़ी आबादी के बाद भी कम लोगों के ही प्रतिभूति बाजार से जुड़ने पर चिंता भी जताई गई है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के हालिया निवेशक सर्वे 2025 में निवेश मानसिकता पर अहम तस्वीर पेश की गई है। सर्वे में 91,950 परिवारों और 1,313 मध्यस्थों से बातचीत की गई। शहरी क्षेत्रों में करीब 15 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 6 प्रतिशत परिवार ही बाजार से जुड़े हैं। सर्वे में बताया गया है बिहार (7.9 प्रतिशत), उत्तर प्रदेश (5.3 प्रतिशत) और झारखंड (6.9 प्रतिशत) पिछड़े हुए हैं। सर्वे के मुताबिक 47 प्रतिशत लोग हिंदी और लगभग इतने ही लोग अपनी क्षेत्रीय भाषा में निवेश संबंधी जानकारी चाहते हैं। अंग्रेजी पसंद करने वालों की संख्या मात्र पांच प्रतिशत है। युवा वर्ग छोटे-छोटे वीडियो और सोशल मीडिया से सीखना चाहता है जबकि बुजुर्ग निवेशक लेख, पॉडकास्ट और कार्यशालाओं से। यानी निवेश शिक्षा भी एक साइज सभी पर फिट नहीं हो सकती।