कुल भुगतान 5,08,050 रुपये का हुआ
रकम जुटाने के लिए स्लाइस बैंक से 72 हजार, क्रेडिटबी से 20,500 और बजाज फाइनेंस से 80,500 रुपये का कर्ज भी लिया। आरोप है कि चार लाख रुपये लेने के बाद नियुक्ति पत्र और आईडी के नाम पर एक लाख रुपये और मांगे गए। फिर प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा परिषद से नियुक्ति पत्र आने, टोल डीजल और अधिकारियों को रुपये देने के नाम पर 1,08,050 रुपये अतिरिक्त मांगे गए। विजय के मुताबिक, यूपीआई और नकद में रकम देने के बाद नौ सितंबर को अंतिम एक हजार रुपये मिलाकर कुल भुगतान 5,08,050 रुपये हुआ।
डेढ़ घंटे कमरे में बंद रखा और 20 हजार रुपये मांगे
विजय के अनुसार, 16 अगस्त को प्रखर, मधु और सौरभ ने उसे प्रखर के घर बुलाकर करीब डेढ़ घंटे कमरे में बंद रखा और 20 हजार रुपये मांगे। रुपये नहीं होने पर उसने जान बचाने के लिए यूपीआई से पांच हजार रुपये दिए, तब उसे छोड़ा गया। 23 अगस्त को प्रखर और सौरभ उसे कार से मॉडल स्कूल के पास ले गए और करीब आधे घंटे कार में बंद रखकर और रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। 12 सितंबर को दोनों विजय के घर पहुंचे और पांच हजार रुपये फिर मांगे।
मामले की जांच कर रही है पुलिस
विजय के विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली-गलौज और मारपीट का आरोप है। प्रखर ने बाल पकड़े, जबकि सौरभ ने जमीन पर गिराकर पीटा। आरोप है कि इसी दौरान जेब से 3300 रुपये भी छीन लिए गए। शोर सुनकर परिवार और मोहल्ले के लोग जुटे तो दोनों जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। विजय ने पुलिस को यूपीआई भुगतान और व्हाट्सएप चैट के साक्ष्य होने की बात कही है। ग्वालटोली थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित ने मां बेटे से अपनी जान को खतरा भी बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।