चिह्नित जमीन पर बुलडोजर चलाकर पक्के निर्माण तोड़े
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और साइट इंजीनियर अमन मित्तल ने बताया कि अधिग्रहीत जमीन का समतलीकरण, मंधना और सचेंडी में साइट आफिस बनाने के साथ ही नई मशीनें, निर्माण सामग्री एकत्रित करना शुरू कर दिया है। शनिवार को फेज-वन के अंतर्गत बिल्हौर तहसील के ग्राम महाराजपुर में रिंग रोड के लिए चिह्नित जमीन पर बुलडोजर चलाकर पक्के निर्माण तोड़े।
आटा से मंधना तक निर्माण के टेंडर अगले महीने पड़ेंगे
इस दौरान कुछ काश्तकारों ने विरोध किया, तो उन्हें यह कह कर शांत कराया गया कि इस जमीन का काश्तकारों को मुआवजा दिया जा चुका है। वहां समतलीकरण कर सड़क बनाई जाएगी। काश्तकारों से अपील की कि वे चिह्नित जमीन पर फसल न बोएं। वहीं, फेज- थ्री के तहत रमईपुर से उन्नाव जिले में आटा के लिए पड़े टेंडरों का अध्ययन हो रहा है। फेज- टू के तहत आटा से मंधना तक निर्माण के टेंडर अगले महीने पड़ेंगे।
शहर में प्रवेश किए बिना दिल्ली रूट से बुंदेलखंड होगा वाहनों का आवागमन
अभियंताओं के अनुसार रिंग रोड में मंधना से सचेंडी और सचेंडी से रमईपुर तक करीब 46 किलोमीटर लंबी छह लेन की सड़क बनने से दिल्ली, आगरा, मैनपुरी, फर्रूखाबाद आदि की तरफ से बुंदेलखंड आने - जाने वाले वाहनों को शहर की सीमा में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा।
ट्रैफिक लोड कम होने से जाम से राहत मिलेगी
इसकी बजाय रिंग रोड के इस हिस्से से ही सीधे आवागमन कर सकेंगे। इससे ऐसे वाहनों को सचेंडी से नौबस्ता बाईपास, जीटी रोड में मंधना से टाटमिल तक, टाटमिल से यशोदानगर बाईपास, नौबस्ता बाईपास तक वाहनों को नहीं आना पड़ेगा। शहर में ट्रैफिक लोड कम होने से जाम से राहत मिलेगी। सड़क हादसों में भी अंकुश लगेगा।