कानपुर में एक हादसे में हुई मां-बेटे की मौत के मामले में ट्रैफिक पुलिस की जांच सोमवार को पूरी हो गई है। हालांकि हादसे के जिम्मेदार तय नहीं हो सके। जांच रिपोर्ट ने पूरा मामला और उलझा दिया है। सबसे अहम ये कि हादसे का वक्त ही तय नहीं हो सका है।
14 जुलाई को नरौना चौराहे पर शिक्षिका ऊषा देवी और उनके बेटे सौरभ को ट्रक ने कुचल दिया था। ट्रक का नो एंट्री का पास बना था। इसकी सीमा शाम पांच बजे तक थी। एफआईआर के मुताबिक हादसा सवा पांच बजे हुआ।
अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर डीसीपी ट्रैफिक ने जांच बैठाई थी। एडीसीपी ट्रैफिक निखिल पाठक ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर पूर्वी ने जांच की। जांच रिपोर्ट के मुताबिक हादसा 4:45 बजे हुआ। यानी ट्रक का पास इस दौरान मान्य था।
जब यातायात कंट्रोल रूम, पूर्वी क्षेत्र के कंट्रोल रूम और कॉमन कंट्रोल रूम ने रिपोर्ट दी तो हादसे का समय शाम 4:50 से 5:10 के बीच बताया गया। ऐसे में जांच उलझ गई है। अब नये सिरे जांच की जाएगी। वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के बयान लिए जाएंगे।