यमन में चल रहे गृह युद्ध के बीच परिवार समेत देश लौटे एनआरआई डॉक्टर से कानपुर में हुई साढ़े चार लाख की टप्पेबाजी में पुलिस ने एक माह बाद रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित एनेस्थीसिस्ट डॉ. रविंद्र कुमार शाही ने रायपुरवा पुलिस से शिकायत की थी। सीसीटीवी फुटेज से घटना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद भी पुलिस उन्हें टरका रही थी। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर यह कार्रवाई हुई।
आर्यनगर निवासी डॉ. रविंद्र कुमार शाही वर्ष 1996 से यमन में रह रहे थे। तीन वर्ष से चल रहे गृहयुद्ध के कारण पत्नी सुषमा और बेटे देवराज शाही के साथ फरवरी में देश लौट आए। घर नहीं था तो लखनऊ के इंद्रानगर में रहने वाली एक रिश्तेदार के यहां रुके थे।मधुराज अस्पताल में काम करने वाले एक डॉक्टर से संपर्क किया और मिलने आ गए। इसी दौरान एक अनजान व्यक्ति ने बीमार बहन का हवाला देकर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने उस व्यक्ति को झकरकटी बस अड्डे बुलाया। यहां उस व्यक्ति ने नशीला पदार्थ सुंघाकर उनकी कार की डिक्की में रखा रुपयों से भरा बैग पार कर दिया था। बैग में चार हजार डॉलर और एक लाख रुपये थे। आखिरकार अब जाकर पुलिस ने गणेश प्रजापति, एक महिला समेत तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
डाॅलर की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने एक माह बाद एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन अब इस बात की जांच में जुट गई कि आखिर वह इतना डॉलर कहां से और कैसे लाएं। एसीपी अनवरगंज सृष्टि सिंह के अनुसार मामले की जांच कराई जा रही है।