कानपुर में कई बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 1.62 लाख वाहनों की यातायात पुलिस ने सूची तैयार की। इन वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने के लिए विभाग ने एआरटीओ कार्यालय में सिफारिश की है। वहीं, एआरटीओ की ओर से पुलिस को भेजे गए जवाबी पत्र में वाहन स्वामियों का अपना पक्ष रखने के लिए पहले नोटिस जारी करने के लिए कहा गया। ऐसे में इन वाहनों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए व्यस्ततम चौराहों पर यातायात पुलिस को तैनात किया गया है। इसके बावजूद जल्दबाजी में निकलने की होड़ में लोग यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इस पर यातायात पुलिस ने जनवरी से लेकर नवंबर तक 1.62 लाख ऐसे वाहनों को चिह्नित किया जो पांच या पांच से अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन कर चुके हैं। सभी वाहनों की सूची बनाकर इनका पंजीकरण निरस्त करने के लिए एक पत्र आरटीओ कार्यालय को भेजा गया।
जरीब चौकी रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से लगा जाम
- फोटो : amar ujala
एआरटीओ प्रशासन को कोई जवाब नहीं दिया
लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारियों ने इस पर आपत्ति कर दी। एआरटीओ प्रशासन आलोक सिंह की ओर से यातायात पुलिस को पत्र भेजकर कहा गया कि सभी वाहनों का एक साथ पंजीकरण निरस्त नहीं किया जा सकता है। वाहन मालिकों को नोटिस भेजकर उनका पक्ष पूछा जाए। उनको चालान की जानकारी है या नहीं सहित अन्य बिंदुओं को भी शामिल किए जाए। इसके बाद यातायात पुलिस की ओर से फिलहाल एआरटीओ प्रशासन को कोई जवाब नहीं दिया गया।
गुमटी में लगा भीषण जाम
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नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे में सबसे ज्यादा भारी वाहनों के चालान
नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर भारी वाहनों को आवागमन ज्यादा और सड़क संकरी होने की वजह से आए दिन हादसे होते हैं। यही वजह है कि पिछले साल मौत के मामले में यह हाईवे सबसे आगे था। इसके चलते यातायात पुलिस ने यहां पर सख्ती शुरू की। एक जनवरी से लेकर अक्तूबर तक अनुमानित 10 हजार वाहनों का चालान काटा गया है।
कानपुर में लगा जाम
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आंकड़ों पर एक नजर
- जिले में कुल गाड़ियों की संख्या- 22 लाख।
- पांच मुख्य राजमार्गों से निकलते हैं 18 हजार वाहन।
- जीटी रोड पर हैं 19 रेलवे क्राॅसिंग जहां लगता है जाम।
कानपुर-सागर हाईवे पर जाम में फंसे वाहन
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आरटीओ कार्यालय को 1.62 लाख वाहनों की सूची भेजकर पंजीकरण निरस्त करने के लिए कहा गया है। यह सभी वाहन सवार बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
-रविंद्र कुमार, डीसीपी, यातायात
यातायात पुलिस की ओर से 1.62 लाख वाहनों की सूची आई थी। पुलिस को पत्र भेजकर कहा गया है कि पंजीकरण निरस्त करने से पहले वाहन मालिकों का पक्ष जानना जरूरी है। -आलोक सिंह, एआरटीओ प्रशासन