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कानपुर: MSME के लिए रैंप कार्यशाला, 5000 इकाइयों को जेड प्रमाणन दिलाने का लक्ष्य, उद्योग निदेशक ने दी जानकारी

Tue, 27 Oct 2026 03:36 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: हर्ष नगर स्थित एक होटल में एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से रैंप कार्यक्रम के तहत एकीकृत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईएएस रोहित आनंद ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए प्रदेश में 5,000 एमएसएमई इकाइयों को जेड सर्टिफिकेशन दिलाने के लक्ष्य की जानकारी दी। 
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एमएसएमई के लिए रैंप कार्यशाला का आयोजन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को तकनीकी, वित्तीय और ढांचागत मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से मंगलवार को हर्ष नगर स्थित एक होटल में ‘रैंप’- रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस कार्यक्रम के तहत एकीकृत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के अपर आयुक्त तथा उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (यूपीएसआईसी) के प्रबंध निदेशक आईएएस रोहित आनंद ने उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।

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आईएएस रोहित आनंद ने कहा कि उद्योग विभाग ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद), एमएसएमई नीति, तकनीकी उन्नयन और सब्सिडी से जुड़ी तमाम कल्याणकारी योजनाएं चला रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य तभी सफल होगा जब उद्यमियों और विभाग के बीच जानकारी का अंतर (अवेयरनेस गैप) समाप्त होगा। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक संपोषित 'रैंप' योजना पिछले दो वर्षों से संचालित है।  

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जेड सर्टिफिकेशन दिलाने का लक्ष्य रखा

इसके तहत उद्योग जगत की वास्तविक मांग पर आधारित (डिमांड-बेस्ड) विशेष तकनीकी प्रशिक्षण और अवेयरनेस सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार कुशल जनशक्ति मिल सके। 5,000 एमएसएमई को जेड सर्टिफिकेशन का लक्ष्य पर्यावरण और गुणवत्ता सुधार के संदर्भ में उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में न्यूनतम 5,000 एमएसएमई इकाइयों को जेड (- जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट) सर्टिफिकेशन दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें ब्रॉन्ज, सिल्वर और गोल्ड स्तर के सर्टिफिकेशन के साथ उद्यमियों को वित्तीय सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

भूखंडों का आवंटन अब पूरी तरह पारदर्शी
उद्यमियों को भूमि उपलब्धता में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए विभाग द्वारा 'इंडस्ट्रियल एस्टेट मैनेजमेंट सिस्टम' लागू किया गया है। अब सभी रिक्त औद्योगिक भूखंडों की जियो-टैगिंग कर उन्हें मैप पर प्रदर्शित किया गया है। जेम पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ई-नीलामी कर भूखंड आवंटित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय आधार पर बेस रेट 2,000 से 3,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है और हाल के महीनों में 60 भूखंड सफलतापूर्वक बेचे जा चुके हैं।
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प्लेज स्कीम और आसान ऋण सुविधा
निजी विकासकर्ताओं के लिए संचालित 'प्लेज स्कीम' का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 12 एकड़ तक के निजी औद्योगिक पार्क विकसित करने पर सरकार 50 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। प्रदेश में वर्तमान में 14 प्लेज पार्क पर कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त, उद्यमियों को डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने में सहयोग देने के लिए पोर्टल पर ड्राफ्ट टूल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही सिडबी की सफल योजना के अंतर्गत आवंटन पत्र मिलते ही प्रतिस्पर्धी दरों पर भूमि व संचालन ऋण की सुविधा भी सुलभ कराई जा रही है।
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