23 से 31 मई तक टीम ने किया था ऑडिट
इसके बाद भी अफसरों ने एफआईआर तक नहीं दर्ज कराई। विजिलेंस और चार्जशीट मामले की जांच के बाद इन पर सरकारी धन के दुरुपयोग और हेरफेर करने के लिए एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए थी। उनका कहना है कि पिछले साल 23 से 31 मई तक ऑडिट टीम ने ऑडिट किया था। इसमें कई गलतियां सामने आई हैं। मुख्यालय के कर्मचारियों को मेडिकल खर्च के रूप में हर महीने भुगतान होता था, जबकि ऑडिट में इसे एडवांस दिखाकर उनके वेतन से कटौती कर ली गई। इससे कर्मचारियों को नुकसान हुआ।
जल्द से जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए
उन्होंने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की समस्या समाधान के लिए जल्द ही बीआईसी के ओएसडी शहर आएंगे। इसके अलावा बीआईसी के चेयरमैन के आने की संभावना है। इस संबंध में एक पत्र भी आया है। उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2026 से कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी नहीं किया गया है। पीएफ, ग्रेच्युटी, लीव इन कैश, बोनस भुगतान के लिए कर्मचारियों ने वाद भी दाखिल किया था। जिस पर सहायक आयुक्त केंद्रीय वार्ता बुलाई थी। इस पर उन्होंने प्रबंधन को जल्द से जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। अगली वार्ता 18 मई को बुलाई गई है।