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कानपुर: नकली अभयरब वैक्सीन की खरीद-फरोख्त, तीन पर एफआईआर दर्ज , 1859 वायल खरीदने का रिकॉर्ड, 462 सीज

Sun, 27 Sep 2026 02:56 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: रैबीज की जीवनरक्षक अभयरब वैक्सीन के नकली बैच की खरीद-फरोख्त के मामले में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जांच में वैक्सीन निर्माता कंपनी तेलंगाना ने उक्त बैच को अपना मानने से साफ इनकार कर दिया। फर्म द्वारा 1859 वायल की खरीद और 1798 वायल की बिक्री दिखाई गई, जबकि 61 वायल का कोई हिसाब नहीं मिला।
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न्यू आरजे एजेंसीज - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में रैबीज से बचाव की जीवनरक्षक अब्हायरैब वैक्सीन के संदिग्ध नकली बैच की खरीद-फरोख्त की जांच कानपुर तक पहुंचने के बाद कलक्टरगंज थाने में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे की तहरीर पर न्यू आरजे एजेंसीज की प्रोप्राइटर बलजीत कौर, उनके पति राजिंदर सिंह और एलिक्सिर क्योर के संचालक तरनदीप सिंह को आरोपी बनाया गया है। जांच में 1859 वायल की खरीद, 1798 की बिक्री और 61 वायल का संतोषजनक हिसाब न मिलने की बात सामने आई है।

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वहीं, 592 वायल बरामद हुईं, जिनमें से 120 जांच के लिए नमूने के तौर पर ली गईं और 462 सीज कर दी गईं। मामले की शुरुआत दिल्ली से हुई। दिल्ली ड्रग कंट्रोल विभाग ने अब्हायरैब के बैच नंबर KE26005 का नमूना जांच के लिए लिया था। तहरीर में आरोप है कि निर्माता ह्यूमन बायोलॉजिकल्स इंस्टीट्यूट, तेलंगाना ने जांच के दौरान इस बैच को अपना निर्मित उत्पाद मानने से इनकार कर दिया। दिल्ली की वीएस फार्मास्यूटिकल्स को इसी बैच की 479 वायल न्यू आरजे एजेंसीज से बेचे जाने की जानकारी मिलने के बाद कानपुर के औषधि विभाग को सूचना दी गई।

अभयरब का स्टॉक शून्य मिला
21 सितंबर को औषधि निरीक्षक ने न्यू आरजे एजेंसीज की बिरहाना रोड स्थित फर्म की जांच की। राम बिहार मार्केट स्थित दुकान बंद मिली। इसके बाद बिरहाना रोड की दूसरी दुकान की जांच की गई, जहां बलजीत कौर और कंपिटेंट पर्सन गुरुनूर सिंह नहीं मिले, जबकि राजिंदर सिंह मौजूद थे। वहां अभयरब का स्टॉक शून्य मिला। खरीद अभिलेखों में 1859 वायल एलिक्सिर क्योर से खरीदना दर्ज था। बिक्री रिकॉर्ड में 479 वायल वीएस फार्मास्यूटिकल्स दिल्ली, 839 राधा मेडिकल एजेंसी आगरा, 180 अजय फार्मा, 90 जय अंबे मेडिकल्स, 180 महादेव फार्मा और 15-15 वायल वर्मा मेडिकल स्टोर मल्लावां को बेचने का विवरण मिला।

बिलों पर न्यू आरजे एजेंसीज का पुराना पता दर्ज था
कुल 1798 वायल की बिक्री दर्ज थी। 61 वायल का संतोषजनक हिसाब नहीं मिला। खास बात यह भी रही कि संबंधित बिलों पर न्यू आरजे एजेंसीज का पुराना पता दर्ज था, जबकि वहां फर्म बंद मिली थी। 23 सितंबर को दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। 25 सितंबर को राजिन्दर सिंह चार थर्माकोल बॉक्स लेकर पहुंचे। इनमें 592 वायल थीं। इनमें 151 महादेव फार्मा, 90 जय अंबे मेडिकल्स और 291 अजय फार्मा से वापस आई थीं, जबकि 60 वायल एलिक्सिर क्योर के बिल के सापेक्ष बताई गईं।
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तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू
विभाग ने 120 वायल नमूने के लिए सुरक्षित कीं और बाकी 462 सीज कर दीं। वैक्सीन को कूलिंग पैड के साथ सुरक्षित रखा गया। जांच में एलिक्सिर क्योर के एस0099, एस0083 और एस0108 नंबर के बिल भी सामने आए। तहरीर के मुताबिक, तरनदीप सिंह ने इन बिलों को अपना जारी किया हुआ मानने से इनकार किया। वहीं, राजिंदर सिंह ने एस0099 और एस0108 को सही बताते हुए इन्हें तरनदीप सिंह द्वारा जारी किए जाने की बात कही। मोबाइल और व्हाट्सएप चैट की जांच का भी तहरीर में उल्लेख है। कलक्टरगंज पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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