अस्पताल पहुंचने में 45 मिनट समय ज्यादा लगा
वहां पर भी ट्रकों की कतारें लगी थीं। यहां भी जाम में फंस गए। उधर, पत्नी छटपटाते छटपटाते बेहोश हो गई। गाड़ी रेंगते रेंगते फजलगंज से मरियमपुर चौराहा, नजीराबाद कोकाकोला क्रॉसिंग होते हुए कार्डियोलॉजी पहुंचे। उन्हें घर से अस्पताल तक पहुंचने में करीब 45 मिनट से ज्यादा का समय लग गया। डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार यदि कुछ समय पहले वह पहुंच जाते, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
मामला संज्ञान में नहीं है
सोनू ने उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी शुभी के सिर से साया उठने का जिम्मेदार प्रशासन को ठहराया है। सोनू ने बताया कि उनकी डेढ़ साल की बेटी शुभी, 11 साल का बेटा अंश और 14 साल का बेटा शौर्य है। जाम के कारण पत्नी की मौत से परिवार बिखर गया। अब बच्चे बिना मां के कैसे जिएंगे। वहीं, डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि घटना हुई है, तो दुखद है। टीम भेजकर घटना पता करवाई जाएगी, इसके बाद ही कुछ आधिकारिक रूप से कहा जा सकता है।
जाम दे रहा जिंदगी भर का जख्म
- कल्याणपुर में बीते वर्ष मेट्रो निर्माण के चलते लगे भीषण जाम में फंसकर बिल्हौर के सांबी गांव निवासी ट्रैक्टर से घायल रामअवतार को परिजन एंबुलेंस से हैलट अस्पताल ले जाए जा रहे थे, तभी कल्याणपुर थाने से बिठूर तिराहे तक लगे जाम में फंसकर दम तोड़ दिया था।