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Kanpur: जाम में 45 मिनट फंसा रहा प्रापर्टी डीलर…पत्नी ने तोड़ा दम, डीसीपी ट्रैफिक बोले- मामला संज्ञान में नहीं

Sun, 17 Aug 2025 06:49 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में ट्रैफिक जाम की वजह से एक महिला की जान चली गई, जिसे हार्ट अटैक के बाद अस्पताल ले जाया जा रहा था। उसके पति ने शहर की खराब यातायात व्यवस्था को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
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मृतक बरखा गुप्ता की फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर शहर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था, वाहनों की अराजकता और जर्जर सड़कें लोगों की जान ले रही हैं। दबौली निवासी प्रापर्टी डीलर सोनू गुप्ता की पत्नी बरखा गुप्ता (32) को गुरुवार रात 8:30 बजे हार्ट अटैक पड़ गया। सोनू पत्नी को कार से कार्डियोलॉजी ले जाने के लिए निकले लेकिन 45 मिनट तक जाम में ही फंसे रहे। कार में बरखा अचेत हो गईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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सोनू के अनुसार, 14 अगस्त की रात पत्नी बरखा को हार्ट अटैक पड़ गया। इस पर आननफानन कार से पत्नी को लेकर कार्डियोलॉजी अस्पताल के लिए निकले। शास्त्री चौक पहुंचते ही जाम में फंस गया। विजयनगर के मार्ग पर मेट्रो के निर्माण के कारण जाम लगा था। धड़कन बढ़ती जा रही थी, लेकिन कार का पहिया रुका हुआ था। किसी तरह वह दादानगर पुल उतरकर फजलगंज फायर ब्रिगेड से गड़रियनपुरवा की सड़क से आगे बढ़े।

अस्पताल पहुंचने में 45 मिनट समय ज्यादा लगा
वहां पर भी ट्रकों की कतारें लगी थीं। यहां भी जाम में फंस गए। उधर, पत्नी छटपटाते छटपटाते बेहोश हो गई। गाड़ी रेंगते रेंगते फजलगंज से मरियमपुर चौराहा, नजीराबाद कोकाकोला क्रॉसिंग होते हुए कार्डियोलॉजी पहुंचे। उन्हें घर से अस्पताल तक पहुंचने में करीब 45 मिनट से ज्यादा का समय लग गया। डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार यदि कुछ समय पहले वह पहुंच जाते, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।

मामला संज्ञान में नहीं है
सोनू ने उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी शुभी के सिर से साया उठने का जिम्मेदार प्रशासन को ठहराया है। सोनू ने बताया कि उनकी डेढ़ साल की बेटी शुभी, 11 साल का बेटा अंश और 14 साल का बेटा शौर्य है। जाम के कारण पत्नी की मौत से परिवार बिखर गया। अब बच्चे बिना मां के कैसे जिएंगे। वहीं, डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार ने बताया कि  मामला संज्ञान में नहीं है। यदि घटना हुई है, तो दुखद है। टीम भेजकर घटना पता करवाई जाएगी, इसके बाद ही कुछ आधिकारिक रूप से कहा जा सकता है। 

जाम दे रहा जिंदगी भर का जख्म
  • कल्याणपुर में बीते वर्ष मेट्रो निर्माण के चलते लगे भीषण जाम में फंसकर बिल्हौर के सांबी गांव निवासी ट्रैक्टर से घायल रामअवतार को परिजन एंबुलेंस से हैलट अस्पताल ले जाए जा रहे थे, तभी कल्याणपुर थाने से बिठूर तिराहे तक लगे जाम में फंसकर दम तोड़ दिया था।

  • इसी वर्ष फरवरी में रामादेवी चौराहे पर लगे जाम में फंसकर एंबुलेंस में चुन्नीगंज बकरमंडी निवासी अकलीम की मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया था कि वह अपने मित्र नारायण के साथ महाराजपुर जा रहा था। तभी कार ने हाईवे पर टक्कर मार दी थी। कांशीराम ले जाते रामादेवी में जाम में फंसने के कारण जान चली गई थी।

  • दिल्ली निवासी रवि कुमार शास्त्री नगर निवासी करीब तीन साल पहले एक रिश्तेदार के घर आए थे। जहां बुजुर्ग मां का स्वास्थ खराब होने के कारण वह ऑटो से हैलट लेकर जा रहे थे, तभी हैलट पुल से उतरते ही दाहिनी मोड़ने पर मोतीझील की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। जिससे कहासुनी के दौरान जाम लगने से मौत हो गई थी।
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  • करीब पांच साल पहले घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र में लगे जाम में फंसकर श्रीनगर गांव में सागर कानपुर हाईवे पर भीषण जाम में फंसकर बीमार हमीरपुर के खरौंज निवासी मोहर सिंह की मौत हो गई थी। परिजन काफी मिन्नतें करते रहे लेकिन जाम टस से मस नहीं हुआ था।
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