2024-25 के कुल निर्यात में 17 प्रतिशत की वृद्धि
पिछले साल कानपुर से सर्वाधिक 10400 करोड़ का निर्यात किया गया था। वित्तीय वर्ष 2024-25 के कुल निर्यात में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। चमड़ा की खाल, चमड़ा के जूता, शू अपर, चमड़ा के परिधान, सैडलरी, चमड़ा की बेल्ट, शेफ्टी शूज, पीयू सिंथेटिक, सोल और अपर की मांग बढ़ रही है। इसके अलावा किचन के अलग-अलग मसाला, इंजीनियरिंग सामान (विद्युत मशीनरी और उपकरण), रत्न और आभूषण, फार्मास्युटिकल उत्पाद, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, कपड़ा और परिधान, कृषि उत्पाद का निर्यात हुआ।
यादवेंद्र सचान, चमड़ा उत्पाद निर्यात
- फोटो : amar ujala
जल्द से जल्द मुक्त व्यापार समझौते की दरकार
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के संयोजक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि नवीनतम व्यापार आंकड़े कानपुर की वैश्विक मजबूती को दर्शाते हैं। अलग-अलग देशों के साथ युद्धों और भू-राजनीतिक तनाव के बाद भी यहां के उत्पादों की मांग बढ़ती जा रही है। हालांकि चुनौतियों को कम करने के लिए सरकार को और उच्च ब्याज दरों को कम करना चाहिए। एमएसएमई को और प्रोत्साहित करना चाहिए। इस्राइल-ईरान युद्ध से मध्य पूर्व में लॉजिस्टिक्स चिंताएं बढ़ी हैं। अमेरिका के साथ जल्द से जल्द मुक्त व्यापार समझौते को किया जाना चाहिए।
व्यापार समझौते बढ़ा रहे निर्यात
सरकार बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और अन्य व्यापार समझौतों को कर रही है। आसियान, जापान, दक्षिण कोरिया, मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया गया है।
पिछले वर्षों के निर्यात आंकड़े
- 2021-2022: 9509 करोड़
- 2022-2023: 8995 करोड़
- 2023-2024: 8990 करोड़
- 2024-2025: 10400 करोड़
- 2025-26 अप्रैल माह: 682 करोड़
ऑस्ट्रेलिया के साथ पिछले साल सरकार ने मुक्त व्यापार समझौता किया था। इसका लाभ शहर के निर्यातकों को मिला है। सबसे ज्यादा ऑस्ट्रेलिया को निर्यात किया गया है। यूएई और अन्य अरब देशों में सैडलरी अन्य चमड़ा उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। यहां पर प्रदर्शनी लगाने की तैयारी है। -असद इराकी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
पिछले साल कानपुर से अब तक सर्वाधिक निर्यात किया गया था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय लगातार निर्यात बढ़ाने में सहयोग कर रहा है। नए-नए बाजार में पहुंच बढ़ाने के लिए सब्सिडी और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। बेल्ट, सैडलरी, लेदर फुटवियर की मांग बढ़ रही है। -यादवेंद्र सचान, चमड़ा उत्पाद निर्यात