फिजिशियन ऑफ इंडिया उत्तर प्रदेश चैप्टर के 42वें वार्षिक अधिवेशन अप एपीकॉन 2025 में स्मारिका विमोचन
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कण फेफड़ों में जाकर रक्त में मिलते हैं
एक 10 माइक्रॉन, दूसरा ढाई माइक्रॉन और तीसरा .1 माइक्रॉन का होता है। ये तीनों शरीर के लिए घातक हैं, लेकिन ढाई माइक्रॉन का अधिक प्रभावित करता है। कण फेफड़ों में जाकर रक्त में मिलते हैं। इसके अलावा हृदय की क्षमता को प्रभावित करते हैं।उन्होंने बताया कि प्रदूषण का सबसे खराब असर बच्चों, बूढ़ों और डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, लिवर तथा अन्य कोमॉर्बिड रोगियों पड़ता है।
डॉ. कौसर उस्मान
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बाहर निकलने पर मास्क का इस्तेमाल करें
प्रदूषण के कणों के कारण पुराने रोगियों की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। साथ ही शरीर में फ्री रेडिकल कोशिकाएं बनती हैं जो विभिन्न अंगों में जाकर उन्हें क्षति पहुंचाने लगती हैं। ढाई माइक्रॉन वाले कण खासतौर पर हृदय और फेफड़ों के लिए अधिक घातक होते हैं। अधिक प्रदूषण हो तो व्यायाम, साइकलिंग आदि न करें। बाहर निकलने पर मास्क का इस्तेमाल करें।