नए नामों को लेकर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी
21,321 लोग फिर भी नहीं पहुंचे, जिनके नाम भी सूची से हटा दिए गए। यानी अंतिम प्रकाशन तक कुल मिलाकर 9.23 लाख मतदाता के नाम सूची से बाहर हो गए। जनवरी से मार्च तक जिले में फार्म 6, 7, 8 के आवेदन मांगे गए जिसमें करीब 2,38,204 नए मतदाता जुड़े, जिसको मिलाकर जिले में मतदाताओं की संख्या 28,51,060 पहुंच गई। सूची में जुड़े नए नामों को लेकर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं। इनमें बड़ी संख्या युवाओं की मानी जा रही है, जो पहली बार वोट डालेंगे।
विपक्षी दल सवाल उठाने से नहीं चूक रहे हैं
खास बात यह है कि महाराजपुर विधानसभा में सबसे ज्यादा नए मतदाता जुड़े हैं, जिससे इस सीट का चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकता है। युवा वोटर अक्सर मुद्दों और विकास के आधार पर मतदान करते हैं, ऐसे में यहां मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है। दूसरी तरफ 9.23 लाख नामों का हटना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा जरूर बताया जा रहा है, लेकिन सियासी नजरिए से यह सबसे बड़ा फैक्टर बन गया है। इनमें मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, लेकिन विपक्षी दल इस पर सवाल उठाने से नहीं चूक रहे हैं।