दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच मंगलवार शाम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश भर में पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश फैल गया। इस गिरफ्तारी के विरोध में कई जिलों में धरना-प्रदर्शन और जनाक्रोश कार्यक्रम प्रस्तावित थे, जिसके चलते प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतते हुए सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद करना शुरू कर दिया।
इसी कड़ी में कानपुर के महाराजपुर विधानसभा के ग्रामीण समाजवादी पार्टी अध्यक्ष समरजीत सिंह यादव को नरवल पुलिस ने करीब 12 घंटे तक नजरबंद रखा। समरजीत सिंह यादव नेवादा बौसर, नरवल के निवासी हैं। पुलिस का तर्क था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। नजरबंदी से मुक्त होने के बाद समरजीत सिंह यादव ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को जिस तरह हिरासत में लिया गया है।