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UP: चौकीदार को महिला से संबंध बनाते देखा तो लगा चोरी का आरोप, किसान ने इसलिए किया कत्ल; हैरान करने वाला खुलासा

Sun, 19 Jul 2026 02:39 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर पुलिस ने चौकीदार हरिमोहन हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। किसान ने चौकीदार को महिला संग आपत्तिजनक स्थिति में देखा तो चौकीदार ने किसान पर 900 रुपये चोरी का आरोप लगा दिया। साथ ही फावड़ा और कुल्हाड़ी छीन ली। किसान उससे फावड़ा और कुल्हाड़ी मांगने गया तो चौकीदार ने उससे मारपीट कर दी। इससे खफा किसान ने चौकीदार को मार डाला।
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kanpur murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कानपुर के महाराजपुर के हाथीगांव में चौकीदार हरिमोहन के हत्यारोपी धर्मेंद्र उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। हत्यारोपी धर्मेंद्र ने बताया कि उसने हरिमोहन को गांव की ही एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। 
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हरिमोहन ने 900 रुपये चोरी का झूठा आरोप लगाने के साथ ही फावड़ा और कुल्हाड़ी भी छीन ली थी। 15 जुलाई की देर रात वह फावड़ा और कुल्हाड़ी मांगने गया तो हरिमोहन ने मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उसने फरसा मारकर हरिमोहन को मौत के घाट उतार दिया था।

हत्या की असली कारण, गांव एक महिला से अवैध संबंध और 900 रुपये की चोरी का झूठा आरोप निकला है। पड़ोसी किसान ने चौकीदार की हत्या कर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
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डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि 15 जुलाई को हरिमोहन का शव अनिल सिंह के ट्यूबवेल पर मिला था। इसके बाद परिजन ने गांव के ही मुलायम, श्याम और अर्जुन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि देर रात हुई शराब पार्टी के दौरान ही तीनों ने मिलकर हरिमोहन की हत्या की है। 

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो शक की सुई छोटू की ओर घूम गई। शुरुआत में छोटू भी पुलिस को गोल-मोल जवाब देता रहा। उसके हाथ में 15 जुलाई की रात लगी चोट के भी निशान मिले थे। सख्ती से पूछताछ के बाद छोटू ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

नामजद आरोपी खुद पहुंचे थे थाने
वारदात के बाद 16 जुलाई की सुबह जब हरिमोहन के परिजन ने देर रात तक चली शराब पार्टी में शामिल मुलायम, श्याम और अर्जुन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई तो दो आरोपी सीधे थाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह लोग जब पार्टी से निकले थे तब तक सबकुछ ठीक-ठाक था। 

 
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यहीं से पुलिस को किसी चौथे पर शक हुआ और फिर गुत्थी सुलझती चली गई। तीनों नामजद आरोपियों का कहना है कि यदि पुलिस सही जांच न करती तो वह बेवजह जेल चले जाते और उनके परिवारों पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ता।
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