साइबर ठगी का हॉट स्पॉट बनने का अलर्ट
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की ओर से कमिश्नरी पुलिस को रेउना क्षेत्र में साइबर ठगी का हॉट स्पॉट बनने का अलर्ट मिला। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके और घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत को साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी दी गई।
ड्रोन की मदद से खेतों और झोपड़ियों की निगरानी
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक टीम लगभग एक महीने से इलाके को ट्रेस कर रही थी। ड्रोन की मदद से खेतों और झोपड़ियों की निगरानी कराई गई। मंगलवार को रेउना, सजेती, घाटमपुर, सेन पश्चिमपारा, बिधनू, साइबर क्राइम ब्रांच और एसओजी की टीमों को आरोपियों को दबोचने के लिए भेजा गया।
दोपहर लगभग 12:30 बजे 20 चार पहिया वाहनों और 15 दोपहिया वाहनों से भारी पुलिस बल रठिगांव पुल के नजदीक पहुंचा। यहां से दो ड्रोन के जरिये लाले बाबा मंदिर के बाग में कुछ युवकों की सक्रियता नजर आई।
रेउना थाना क्षेत्र के राठिगांव, समाजनगर, लक्ष्मणपुर बड़ेला गांव से गिरफ्तार किए गए 20 साइबर ठग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ युवक अलग-अलग दूरी पर निगरानी करते दिखे। फोर्स ने पहले बाग को चारों तरफ से घेर लिया। इस बीच कुछ युवक वहां बनी झोपड़ी के अंदर जाते नजर आए। पुलिसकर्मियों ने इशारा मिलते ही दबिश दी। एकाएक कार्रवाई से युवकों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने 20 युवकों को दबोच लिया जबकि 14 भागने में कामयाब रहे।
ग्रामीणों ने शातिरों को छोड़ने की मांग की
पुलिस की कार्रवाई की सूचना आरोपियों में से किसी ने ग्रामीणों को दे दी। कुछ ही मिनटों में गांव की महिलाएं और पुरुष एकत्रित हो गए। उन्होंने पुलिस से युवकों को छोड़ने की मांग की। कई महिलाएं पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने लगीं।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक कंट्रोल रूम में मैसेज कर दक्षिण जोन का और फोर्स बुलवाया गया। एक बटालियन पीएसी भी आ गई। देर रात तक ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक जारी रही। पुलिस ने सख्ती कर आरोपियों को दूसरे थाने में शिफ्ट करवा दिया। आरोपियों के पास से 16 मोबाइल, चार कीपैड फोन, 12 फर्जी आधार कार्ड, 4480 रुपये मिले हैं। रेउना थाने में 34 शातिरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
रेउना थाना क्षेत्र के राठिगांव, समाजनगर, लक्ष्मणपुर बड़ेला गांव से गिरफ्तार किए गए 20 साइबर ठग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गिरोह के इन सदस्यों की हुई गिरफ्तारी
रेउना क्षेत्र के राहुल कुमार, नीरज कुमार, प्रदीप सिंह, सतेंद्र, नीरज कुमार, प्रांशु, जगरूप सिंह, रोहित कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, अजीत कुमार, कुलदीप, नरेश उर्फ शिवनाथ, ज्ञान प्रकाश यादव, रोमी, नीरज कुमार, शैलेंद्र कुमार, धीरज कुमार, शिवकांत, पारस कुमार।
एक माह से पुलिस रख रही थी नजर
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पुलिस टीम लगभग एक माह से इलाके को ट्रेस कर रही थी। ड्रोन की मदद से खेतों और झोपड़ियों की निगरानी कराई गई। मंगलवार को रेउना, सजेती, घाटमपुर, सेन पश्चिमपारा, बिधनू, साइबर क्राइम ब्रांच और एसओजी की टीमों को आरोपियों को दबोचने के लिए भेजा गया।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोपहर लगभग 12:30 बजे 20 चार पहिया वाहन और 15 दोपहिया वाहन से भारी पुलिस बल रठि गांव पुल के नजदीक पहुंचा। यहां से दो ड्रोन के जरिये देखा गया कि लाले बाबा मंदिर के बाग में कुछ युवकों की सक्रियता नजर आ रही है।
फोर्स ने बाग को चारों तरफ से घेर लिया। ड्रोन से मिले वीडियो में कुछ युवक वहां बनी झोपड़ियों के अंदर जाते नजर आए। इशारा मिलते ही पुलिसकर्मियों ने एक साथ चारों तरफ से दबिश दी। एकाएक कार्रवाई से अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने 20 युवकों को दबोच लिया। 17 आरोपी भागने में कामयाब रहे।
रोजाना 120 से 150 करते थे कॉल
एडीसीपी एसओजी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि गिरोह के सदस्य रोजाना 120 से 150 कॉल करते थे। यह किसी भी नंबर की सीरीज ले लेते थे। उस नंबर को ट्रू कॉलर, यूपीआई और पेटीएम नंबर में देखकर उपभोक्ता की जानकारी हासिल करते थे। उसके बाद उसको ठगी की साजिश में फंसाया जाता था।
रेउना थाना क्षेत्र के राठिगांव, समाजनगर, लक्ष्मणपुर बड़ेला गांव से गिरफ्तार किए गए 20 साइबर ठग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कभी कॉल करके आवास, सरकारी योजना, बैंक अफसर बनकर ठगी करते थे। ज्यादातर पुलिस अधिकारी बन अश्लील वीडियो देखने के नाम पर धमकाते और गिरफ्तार करने के लिए डराते थे। इस दौरान पुलिस के वाहनों का सायरन भी बजाया जाता था जिससे लोग शक न कर सकें।
ये हुआ बरामद 16 मोबाइल, चार
कीपैड फोन, 12 फर्जी आधार कार्ड, 4480 रुपये मिले हैं। अब तक की जांच में 40 म्यूल खातों की जानकारी हुई है। इन खातों से सवा करोड़ के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
रेउना थाना क्षेत्र के राठिगांव, समाजनगर, लक्ष्मणपुर बड़ेला गांव से गिरफ्तार किए गए 20 साइबर ठग
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गिरोह के ये सदस्य फरार
विजय, भोला, मधुर, दीप उर्फ दरोगा, टाइगर उर्फ जितेंद्र, सोहित, मलखान, खुशवंत, प्रद्युम्न, शोभन, पंकज, अनुरुद्ध, अशोक संखवार, सर्वेश, दीपक, दिलीप।
शहर के कई क्षेत्र बने जामताड़ा
कानपुर शहर के कई क्षेत्र साइबर अपराध के नजरिये से जामताड़ा बने हुए हैं। यहां नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की ओर से हॉट-स्पॉट होने के अलर्ट आ रहे हैं। इनमें सचेंडी, पनकी, महाराजपुर, घाटमपुर, बिल्हौर और अन्य आउट थाना क्षेत्र शामिल हैं। पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार यहां पर साइबर अपराधियों की तलाश कर रही है। कुछ महीने पहले सचेंडी और महाराजपुर क्षेत्र से साइबर अपराधियों के गिरोह का राजफाश कर आरोपियों को जेल भेजा गया था।
रेउना थाना क्षेत्र के राठिगांव, समाजनगर, लक्ष्मणपुर बड़ेला गांव से गिरफ्तार किए गए 20 साइबर ठग
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साइबर अपराध में अब तक पढ़े लिखे, अंग्रेजी बोलने और बेहतर ढंग से बातचीत करने वाले आरोपी ही शामिल हुआ करते थे। यह अपनी बातों से लोगों को प्रलोभन में लेकर ठगी का शिकार बनाते थे। पिछले कुछ वर्षों में ठगी के खेल में ग्रामीण क्षेत्र के युवा शामिल हो रहे हैं।
इसकी जानकारी पुलिस के पास आई है। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे गिरोह कई क्षेत्रों में चल रहे हैं। वहां के कुछ युवक नौकरी करने के नाम पर घरों से निकलकर खाली स्थान, खेत या प्रमुख जगहों पर जाकर ठगी की साजिश रचते हैं। यह कार्य पूरी तरह से टीम वर्क से होता है जिसमें काफी संख्या में लोग जुड़े रहे हैं। कुछ युवक तो नौकरी छोड़कर कार्य कर रहे हैं।
रेउना थाना क्षेत्र के राठिगांव, समाजनगर, लक्ष्मणपुर बड़ेला गांव से गिरफ्तार किए गए 20 साइबर ठग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ किशोर और बुजुर्गों को रेकी करने के लिए छोड़ा गया है। इनका कार्य बस सूचना देना होता है। पुलिस ने पिछले दिनों कई बार रेड की लेकिन आरोपी भाग निकले। ऐसा ही तरीका झारखंड के जामताड़ा में होता था।
यहां साइबर अपराधी देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में साइबर अपराधियों के गिरोह संचालित होने की जानकारी मिली है। जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने तुम्हें चारों तरफ से घेर लिया है...
पुलिस ने तुम लोगों को चारों तरफ से घेर लिया है। किसी भी तरह से भागने या कानून तोड़ने की कोशिश की तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक बल का प्रयोग भी किया जा सकता है। सन 70 और 80 में बनी फिल्मों का सबसे चर्चित डायलॉग कमिश्नरी पुलिस ने मंगलवार को बोला। दरअसल पुलिस ने घेराबंदी की थी जिस पर कुछ आरोपी हमलावर होने की तैयारी में थे। पुलिस ने लाउड हेलर से अनाउंसमेंट कर उन्हें चेतावनी दी।