पुलिस ने अपहर्ताओं की तलाश में गाजियाबाद और बिंदकी टीम भेजी। इधर कुलदीप और साथी कार में इधर-उधर घूमते रहे। बृहस्पतिवार को पुलिस ने सर्विलांस के जरिए शक के आधार पर कुलदीप और रामबाबू समेत चार को गिरफ्तार किया तो मामले का खुलासा हुआ।
मकान, जेवर बेचकर जुटाए थे 30 लाख
परिजनों ने पुलिस के कहने पर मकान, जेवर बादि बेचकर जैसे तैसे 30 लाख रुपयों की व्यवस्था की और 13 जुलाई को पुलिस के कहने पर अपहर्ताओं को सौंप दिए। संजीत की हत्या की खबर के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ है।
सारा दिन टालती रही पुलिस
परिजनों ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने चार घंटे बाद आने को कहा। चार घंटे बाद फिर थाने पहुंचे तो जल्द खुलासे की बात कहकर लौटा दिया। इसके बाद परिजन हर घंटे फोन कर पूछते रहे रहे, लेकिन पुलिस कोई स्पष्ट जवाब न दे सकी। रात करीब 10 बजे एसएसपी ने परिजनों को खुद फोन कर एक-दो दिन का समय और मांगा।
यूपी में जंगलराज : प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। आम लोगों की जान लेकर अब इसकी मुनादी की जा रही है। घर हो, सड़क हो, ऑफिस हो कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता। विक्रम जोशी के बाद अब कानपुर में अपहृत संजीत यादव की हत्या। पुलिस ने किडनैपर्स को पैसे भी दिलवाए और उनकी हत्या कर दी गई। यह नए तरह का जंगलराज है।