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एक्सक्लूसिव: पीएम आवास...डकार गए 47 लाख, 117 लाभार्थियों ने नहीं बनवाए मकान, विभाग अब देगा नोटिस, पढ़ें मामला

रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 21 Oct 2026 08:49 AM IST

सार

Kanpur News: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा और लापवाही सामने आई है। वर्ष 2017 से 2024 के बीच 117 लाभार्थियों ने योजना की किस्तों के लगभग 47 लाख रुपये तो खातों से निकाल लिए, लेकिन मकान का निर्माण पूरा नहीं कराया।
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पीएम आवास योजना - फोटो : amar ujala
केस-1: 40 हजार लेकर गांव से लापता
कल्याणपुर ब्लॉक के अभिषेक सिंह को आवास निर्माण के लिए 40 हजार रुपये की पहली किस्त 2022 में दी गई। उन्होंने खाते से रकम निकाल ली, लेकिन मकान नहीं बनवाया। जांच करने पहुंची टीम को वह गांव में नहीं मिले।
केस-2: 90 हजार लेकर केवल नींव भराई
घाटमपुर ब्लॉक के आशीष कुमार को दो किस्तों में 90 हजार रुपये वर्ष 2021 में दिए गए। जांच में सामने आया कि उन्होंने नींव भराने के बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया।
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पीएम आवास योजना - फोटो : amar ujala
केस-1: 40 हजार लेकर गांव से लापता
कल्याणपुर ब्लॉक के अभिषेक सिंह को आवास निर्माण के लिए 40 हजार रुपये की पहली किस्त 2022 में दी गई। उन्होंने खाते से रकम निकाल ली, लेकिन मकान नहीं बनवाया। जांच करने पहुंची टीम को वह गांव में नहीं मिले।
केस-2: 90 हजार लेकर केवल नींव भराई
घाटमपुर ब्लॉक के आशीष कुमार को दो किस्तों में 90 हजार रुपये वर्ष 2021 में दिए गए। जांच में सामने आया कि उन्होंने नींव भराने के बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया।

कानपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में वर्ष 2017 से 2024 के बीच 117 लाभार्थियों ने खातों से रकम, तो निकाल ली लेकिन मकान नहीं बनाए। किसी ने नींव भराकर निर्माण छोड़ दिया, तो किसी ने काम ही शुरू नहीं कराया। विभागीय सर्वे में सामने आए इन मामलों में करीब 47 लाख रुपये की धनराशि फंसी है।

20,675 लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए
अब ग्राम्य विकास विभाग इन लाभार्थियों को नोटिस जारी कर आवास पूरे कराने की अंतिम चेतावनी देने की तैयारी में है। पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों को मकान बनाने के लिए सरकार से तीन किस्तों में कुल 1.20 लाख रुपये मिलते हैं। पहली किस्त में 40 हजार, दूसरी में 50 हजार और तीसरी में 30 हजार रुपये होते हैं। वर्ष 2017 से 2024 के बीच जिले में 20,675 लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए गए।

सर्वे में 117 लाभार्थियों के मामले सामने आए
इनमें 20,556 आवास पूरे हो चुके हैं। 119 आवास अधूरे हैं।  सर्वे में 117 लाभार्थियों के मामले सामने आए हैं, जिन्होंने धनराशि लेने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं कराया। विभागीय जांच में पता चला कि कुछ लाभार्थियों के पास जमीन नहीं थी, कुछ ने नींव भराने के बाद निर्माण बंद कर दिया। कुछ लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है, तो कुछ गांव छोड़कर चले गए।

ऐसे जारी होती हैं आवास की किस्तें
योजना में अगली किस्त जारी करने से पहले निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन किया जाता है। निर्माण की तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड होने के बाद ही अगली किस्त जारी होती है। कुछ मामलों में दूसरे मकानों की तस्वीरें अपलोड कर अगली किस्त जारी हो जाती है। यदि ऐसा हुआ है तो यह सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इन मामलों में मिलीभगत की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

एक नजर पूर्ण-अपूर्ण आंकड़ों पर

ब्लॉक            पूर्ण               अपूर्ण
भीतरगांव        3694            8
बिल्हौर           1905            5
चौबेपुर           1252             0
घाटमपुर         3539            20
ककवन          1146             6
कल्याणपुर     1362            17
पतारा            2686            26
सरसौल         1205            10
शिवराजपुर     1925           18
बिधनू            1842            7

सत्यापन में कई लाभार्थी ऐसे हैं जिनके पास जमीन नहीं है। इससे निर्माण नहीं हो पा रहा है। कई लोग पैसा लेकर गांव छोड़ गए या नींव भराकर काम रोक दिया। ऐसे लोगों को नोटिस जारी की जा रही है। जल्द ही अधूरे आवास पूरे कराए जाएंगे।  -आलोक कुमार, परियोजना निदेशक
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