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कानपुर विमान हादसा: ‘700 मीटर दूर गांव में गिरता तो…’, ग्रामीण बोले- ऐसा लगा सिर पर ही गिर पड़ेगा, ऐसा था मंजर

Fri, 28 Aug 2026 09:46 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Plane Crash News: नत्थापुरवा गांव के पास गुरुवार को क्रैश हुआ ट्रेनी विमान यदि 700 मीटर और आगे गिरता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गंगा नदी के ऊपर से वापसी के लिए मुड़ते ही विमान अनियंत्रित हो गया और एक प्लॉट की बाउंड्री से टकराकर मलबे में बदल गया।
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कानपुर विमान हादसा - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में हादसे का शिकार हुआ टेक्नाम कंपनी का विमान गुरुवार को नत्थापुरवा गांव से लगभग 700 मीटर दूर गिरा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह गांव में गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। खेत पर काम कर रहे ग्रामीण अयोध्या ने बताया कि वह सब्जियां तोड़ रहे थे। तभी नदी की ओर से आया विमान इतना नीचे आ गया था।

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ऐसा लगा कि यह सिर पर ही गिर पड़ेगा।  अचानक अजीब सी आवाज करता विमान उनके खेत से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर बने प्लाॅट पर जा गिरा। वहीं, माया का कहना है कि वह घर में काम कर रही थी। तभी जोर की आवाज सुनकर बाहर आई, तो लोगों को प्लाॅट की ओर दौड़ते देखा। बाद में पता चला कि विमान हादसा हुआ है।

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गंगा नदी के ऊपर मुड़ते ही विमान हुआ अनियंत्रित
कैंट से गंगा बैराज तक विमान ठीक से पहुंचा लेकिन जैसे ही पायलट ने गंगा नदी के ऊपर से वापसी के लिए मोड़ा वह अनियंत्रित हो गया। इस कारण पायलट सचिन भी 15 बिस्वा की खाली पड़ी जमीन में न उतार सकें और विमान करीब आधा बिस्वा प्लाॅट की बाउंड्री तोड़ते हुए जमीन पर गिरकर मलबे में तब्दील हो गया।

सिर्फ थोड़ा सा धुआं ही उठा था
हालांकि, मलबे में आग नहीं लगी। सिर्फ थोड़ा सा धुआं ही उठा था। धमाका सुन आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग विमान की ओर दौड़ पड़े। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि विमान 300-400 फीट की ऊंचाई से ही अनियंत्रित हो गया था।

बाउंड्री न होती तो शायद न जाती दोनों की जान
चकेरी एयरपोर्ट से आए अधिकारियों ने डीजीसीए की टीम के सदस्यों के साथ करीब दो घंटे तक मलबे का निरीक्षण किया। इस दौरान मलबे को नीले रंग के तिरपाल से ढककर दिया गया। जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि सीमेंट की बाउंड्री से टकराने के बजाय विमान सीधा जमीन पर आया होता तो शायद दोनों पायलटों की जान बच सकती थी।
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परिजनों ने रोके पोस्टमार्टम
एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि दोनों पायलटों के परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि उनके कानपुर पहुंचने तक शवों के संबंध में कोई प्रक्रिया न की जाए। वहीं, दोनों पायलटों से संबंधित सभी रिकाॅर्ड भी सील कर दिए गए हैं।
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