डीजीसीए की टीम कर रही है एयर सुरक्षा ऑडिट
सुरक्षा अधिकारी, प्रशिक्षण पायलट, मेंटीनेंस स्टाफ से पूछताछ की जाएगी। टीम ये भी देखेगी कि स्टाफ आदि सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में कितना जानते हैं। उड़ान संचालन, विमान पूर्व निरीक्षण और ग्राउंड हेंडलिंग की स्थिति देखी जाएगी। ऑडिट के दौरान मिली कमियों या नियमों के उल्लंघन को दर्ज किया जाता है। गंभीर खामियां या कमियां मिलने पर कार्रवाई की जाती है। गर्ग एविएशन के अकाउंटेबल मैनेजर विजय गर्ग ने बताया कि यह ये एक रुटीन प्रक्रिया है। डीजीसीए की टीम एयर सुरक्षा ऑडिट कर रही है।
यह है मामला
दरअसल गर्ग एविएशन का चार सीटर प्रशिक्षण विमान 27 अगस्त को कटरी के आगे नत्थापुरवा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उड़ान भरने के 20 मिनट बाद विमान हवा में कई बार घूमा था और फिर जमीन में गिर गया था। हादसे में प्रशिक्षक पायलट कैप्टन सचिन भाटिया और प्रशिक्षु पायलट अभिषेक पुजारी की मौत हो गई थी। इसके बाद डीजीसीए दिल्ली और लखनऊ की टीम ने दुर्घटनाग्रस्त विमान और हादसा स्थल की जांच-पड़ताल की थी। इसके बाद टीमें इंजन अैर विमान मलबा अपने साथ ले गईं थीं। टीमें अभी भी इसकी जांच कर रही हैं।
एसोसिएशन ऑफ फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन ने भेजा है पत्र
गर्ग एविएशन फ्लाइट स्कूल में सुरक्षा नियमों को तोड़ने और नियामक शर्तों का पालन न करने के आरोप लगे थे। एसोसिएशन ऑफ फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन ने ये गंभीर आरोप लगाकर मंत्रालय को शिकायती पत्र भेजा था। सूत्रों ने बताया कि एसोसिएशन ने नागरिक उड्डयन मंत्री और नागरिक उड्डयन सचिव को पत्र लिखा था। पत्र में एसोसिएशन ने गर्ग एविएशन के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कराने की मांग की थी। एसोसिएशन ने कहा कि उसने 2024 से डीजीसीए को 14 शिकायतें दी थीं। इन शिकायतों में उल्लंघन और नियमों का पालन न करने के आरोप लगाए गए थे। वहीं गर्ग एविएशन में 50 से ज्यादा प्रशिक्षु पायलट बनने के लिए प्रशिक्षण ले रहे थे। लगातार हो रही जांच और प्रतिबंध से वो और उनके परिवारी जन परेशान हैं। उन्हें वापस बुला रहे हैं।