पेट्रोल का दाम 98.36 और डीजल का दाम 92.34 रुपये प्रति लीटर
पहले 800 और 750 एमएल की पैकिंग में खाद्य तेल आ रहा था। इसकी कीमत भी बढ़ी है। जो रिफाइंड पहले 143 रुपये लीटर था, अब 150 रुपये लीटर हो गया है। सरसों का तेल 167 रुपये लीटर से बढ़कर 173 रुपये लीटर हो गया है। बादाम, दाल, चावल और आटा के दाम भी बढ़ गए हैं। बादाम के दाम भी 100 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। पेट्रोल और एचएसडी डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि पेट्रोल का दाम 98.36 और डीजल का दाम 92.34 रुपये प्रति लीटर हो गया।
कंपनियों ने डीलरों का कमीशन बढ़ाया था
10 दिन में तीसरी बार दाम बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि 30 अक्तूबर 2024 को कंपनियों ने डीलरों का कमीशन बढ़ाया था। 44 पैसा डीजल में और पेट्रोल में 65 पैसा कमीशन मिलता है। उस समय से अब तक लगभग पांच रुपये पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ गए हैं। लेबर, बिजली, हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स भी बढ़ गया है। ब्रेड कारोबारी राजेश भल्ला ने बताया कि अप्रैल में पैकिंग महंगी होने पर दो किलो वाली सैंडविच ब्रेड के दाम में 10 रुपये की वृद्धि की थी। फिर दाम नहीं बढ़े हैं।
थोक में 10 रुपये किलो वाली भिंडी अब 20 रुपये में
बढ़ते मालभाढ़ा और तेज गर्मी ने सबसे ज्यादा सब्जियों के दामों में तेजी ला दी है। हरी सब्जी आढ़ती व्यापार मंडल चकरपुर मंडी के अध्यक्ष सौरभ पांडेय ने बताया कि नींबू पहले 60 रुपये किलो थोक में बिक रहा था, अब इसके दाम 80-100 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। फुटकर में एक बड़ा नींबू 10 रुपये प्रति पीस में बिक रहा है जबकि पहले पांच रुपये प्रति पीस था। भिंडी 20-22 रुपये किलो में हो गई है। पहले इसका भाव 10-12 रुपये किलो था। फुटकर में दाम 30-40 रुपये किलो हो गए हैं।
ये है सब्जियों का हाल
टमाटर 10 रुपये से 20 रुपये किलो हो गया है। फुटकर में 30 रुपये किलो में है जबकि पहले फुटकर में 25 रुपये किलो था। आलू 12 रुपये किलो था जो 18 रुपये किलो फुटकर में हो गया है। परवल 60 रुपये किलो फुटकर में बिकने लगा है। अदरक 120 रुपये किलो है। उन्होंने बताया कि सब्जियों का मालभाड़ा 20-25 प्रतिशत तक बढ़ा है। गर्मी अधिक पड़ने से सब्जियां खराब ज्यादा हो रही हैं। संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीतू सिंह ने बताया कि फलों के दाम में भी तेजी आ गई है। केला 60-70 रुपये दर्जन बिक रहा है। बादामी आम 80-90 और तोतापरी 60 रुपये किलो में बिकने लगा है।
महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार को इस पर जल्द से जल्द रोक लगानी चाहिए। पहले घर के महीने का खर्च 8000 रुपये के करीब था, जो बढ़कर 10 हजार हो गया है। खाने पीने की चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं। इससे बचत पर भी असर पड़ रहा है। स्कूलों की फीस भी बन चुकी है। -विनीता अग्रवाल, किदवईनगर
चावल, दालों के दाम में बहुत तेजी आ गई है। आगे खाद किल्लत की आशंका है। मालभाढ़ा भी बढ़ गया है। इससे भी भाव तेज हो गए हैं। थोक में जो चावल पहले 39 रुपये किलो में थोक में था, अब उसके दाम 44 रुपये किलो हो गए हैं। अरहर दाल 103 रुपये से बढ़कर 109 रुपये किलो हो गई है। चना दाल, देसी चना, मटर दाल के दाम भी बढ़ गए हैं। -सचिन त्रिवेदी, थोक दाल-चावल कारोबारी