सात दिन बाद फैसला होगा
मरम्मत के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए योजना तैयार की गई है। महाराष्ट्र की रीहैवलीटेशन इंजीनियरिंग कंपनी को काम 5.60 करोड़ रुपये में 11 अप्रैल को दिया गया था। डायवर्जन में देरी से कंपनी की समय सीमा भी बढ़ सकती है। एनएचआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि सरैया पुल का काम पूरा न होने से डायवर्जन पर सहमति नहीं बन सकी। सात दिन बाद फैसला होगा।