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कानपुर रंगदारी मामला: अखिलेश की रिहाई का रास्ता साफ, फंस सकता है वादी सुरेश पाल, पुलिस की होगी किरकिरी

Wed, 23 Sep 2026 08:36 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी मामले में आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे की जेल से रिहाई का रास्ता साफ होता दिख रहा है। मुकदमे के मुख्य वादी सुरेश पाल ने कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपने बयानों से पलटते हुए कहा कि उसने पुलिस को रंगदारी या वसूली का कोई बयान दिया ही नहीं था।
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अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर कोर्ट में रंगदारी मामले में सुरेश पाल के बयान बदलने से अखिलेश दुबे को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, सुरेश खुद झूठी गवाही देने के मुकदमे में फंस सकता है। सुरेश के बयान ने अब अखिलेश की जेल से रिहाई का रास्ता साफ कर दिया है। अधिवक्ता अखिलेश दुबे पर सुरेश पाल ने ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया था।

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आरोप इतना गंभीर था कि सुप्रीम कोर्ट तक से अखिलेश को जमानत नहीं मिल सकी। एक-एक कर अखिलेश को सभी मुकदमों में जमानत मिलने के बाद अभियोजन ने इस मुकदमे में अखिलेश को जेल में रखने के लिए जी-जान लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में कड़ी पैरवी की गई। सबका मुख्य आधार वादी सुरेश पाल का बयान ही था लेकिन सुरेश के बयान बदल देने से मुकदमे का रुख ही बदल गया है।

प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दे सकती है कोर्ट
अगली तारीख पर अभियोजन सुरेश से जिरह करेगा। इस दाैरान कोई ऐसा जवाब अभियोजन को मिल जाता है। इससे यह साबित हो जाए कि सुरेश और अखिलेश के बीच किसी तरह का समझौता हो गया है। इसी कारण सुरेश कोर्ट में झूठी गवाही दे रहा है, तो सुरेश मुश्किल में पड़ सकता है। मुकदमे के फैसले के समय सुरेश के खिलाफ भी कोर्ट प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दे सकती है।

मुकदमे का निस्तारण भी जल्द
अखिलेश के खिलाफ चल रहे छह मुकदमों में से पहले मुकदमे में ही गवाही शुरू हो सकी है और उसी में वादी का बयान से मुकर जाना पुलिस के माथे पर भी बल डाल रहा है। विवेचना भी सवालों के घेरे में आ सकती है और विवेचक को भी कोर्ट की कार्रवाई की जद में आना पड़ सकता है। पुलिस की किरकिरी भी होगी। फिलहाल सुरेश के बयान के आधार पर अखिलेश को जमानत भी मिल सकती है और अगर न्यायिक कार्यवाही तेजी से चली, तो मुकदमे का निस्तारण भी जल्द हो सकता है।
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वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग पर सुरेश पाल से किए गए सवाल-जवाब

सवाल- अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा को कैसे जानते हो?
जवाब- मेरे होटल के पास अखिलेश का ऑफिस है और लवी को मैं नहीं जानता।
सवाल- यह कागज थाना किदवईनगर में आपने दिया था?
जवाब- नहीं, मैंने थाने पर नहीं दिया था।
सवाल- कागज पर हस्ताक्षर तो आपके हैं?
जवाब- हां, यह तो मेरे ही हैं।
सवाल- सील बंद बयान में लगी फोटो और हस्ताक्षर किसके हैं?
जवाब- फोटो और हस्ताक्षर दोनों ही मेरे हैं।
सवाल- साल 2022 में आपके खिलाफ नौबस्ता थाने में पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज हुआ था?
जवाब- सही है दर्ज हुआ था।
सवाल- यह मामला किसने दर्ज कराया था?
जवाब- एक लड़की थी, उसने दर्ज कराया था।
सवाल- आपने बताया कि आप लड़की को जानते नहीं, फिर उसने आपके खिलाफ क्यों मामला दर्ज कराया?
जवाब- एक अखिलेश शुक्ला थे, उनका राजेश कुकरेजा से लेनदेन का विवाद था। इसी वजह से अखिलेश शुक्ला ने लड़की से मेरे ऊपर मुकदमा दर्ज कराया था।
सवाल- इस मामले का परिणाम क्या हुआ था?
जवाब- फाइनल रिपोर्ट लग गई थी और उसी के आधार पर मामला समाप्त हो गया था।
सवाल- क्या मामले को खत्म करने के लिए आपसे किसी तरह की वसूली की गई थी?
जवाब- नहीं, मुझसे ऐसी किसी तरह की वसूली नहीं की गई थी।
सवाल- काफी समय इधर-उधर भागता रहा, क्या यह आपने पुलिस से कहा था?
जवाब- हमने कोई बयान पुलिस को दिया ही नहीं।
सवाल- तो यह बयान पुलिस ने कैसे लिख लिया?
जवाब- मैं इसकी वजह नहीं बता सकता।
सवाल- आपने पुलिस से कहा था कि अखिलेश ने आपको जेल भिजवाने की बात कही?
जवाब- हमने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।
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