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kanpur Panchayat Chunav: जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा-भाजपा का दावा, दोनों ही दलों से सामने आए कई दावेदार

Wed, 05 May 2021 02:53 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव की मतगणना में सोमवार को 13 सदस्यों का दावा करने वाली सपा का एक प्रत्याशी कम हो गया।
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कानपुर पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव की सभी सीटों पर मतगणना पूरी होने के बाद सदस्यों को जीत के प्रमाणपत्र दे दिए गए हैं। इसके साथ ही अब जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने को लेकर सरगर्मियां शुरू हो गई हैं। जोड़तोड़ कर 17 सदस्यों का समर्थन जुटाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
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ऐसे में सबसे अधिक 12 सीटें जीतने वाली समाजवादी पार्टी और नौ सीटें जीतने वाली भाजपा का दावा है कि यह जादुई आंकड़ा उन्हें ही मिलेगा और वह बहुमत साबित कर अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाएंगे। जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव की मतगणना में सोमवार को 13 सदस्यों का दावा करने वाली सपा का एक प्रत्याशी कम हो गया।

बुधवार सुबह होते होते भाजपा का एक सदस्य जीत गया। भीतरगांव ब्लॉक के बीरनखेड़ा से सोमवार को करीब एक हजार वोटों से जीत चुके सपा के कुलदीप सिंह मंगलवार को मतों के मिलान के बाद भाजपा के संतोष कुमार से 207 वोटों से हार गए। मंगलवार को भी सपा ने इस ब्लॉक में जीत चुके अपने प्रत्याशी को प्रमाणपत्र न देने की बात कहकर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। सपा नेताओं ने अपने आलाकमान को भी नतीजों के संबंध में जानकारी दी है।
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भाजपा में दो दावेदार, स्वप्निल वरुण का पलड़ा भारी
भाजपा का दावा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 17 सदस्यों का समर्थन उसे आसानी से हासिल हो जाएगा। अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। भाजपा के जीते नौ सदस्यों में दो ही अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। एक कैबिनेट मंत्री रहीं दिवंगत कमलरानी वरुण की बेटी स्वप्निल वरुण हैं, जो कि पतारा ब्लॉक के गिरसी से जीती हैं।

दूसरे राधन सीट से जीते राजा दिवाकर हैं। इसके पहले राजा दिवाकर की बेटी प्रियंका अवस्थी जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। हालांकि, कमलरानी वरुण की घाटमपुर सीट से उनकी बेटी को टिकट न देने के बाद भाजपा में चर्चा है कि पार्टी स्वप्निल के लिए समर्थन जुटाएगी।

सपा में चार दावेदार, फैसला एक दो दिन में
समाजवादी पार्टी से अनुसूचित जाति के चार सदस्य जीते हैं। अगर सपा जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए बहुमत का आंकड़ा छूती है तो इनमें से किसी एक का नाम ही फाइनल होगा। इसका फैसला प्रदेश नेतृत्व लेगा। इसमें सपा सरकार में पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष रहीं सोमवती संखवार भी शामिल हैं।

यह पहले भी दो बार जिला पंचायत सदस्य रही हैं और इस बार घाटमपुर की चौबेपुर सीट से जीती हैं। इसके अलावा सरसौल से रामप्रसाद पासवान, ककवन से मीना गौतम और पेम से राजू दिवाकर में से कोई एक जिला पंचायत अध्यक्ष पद का दावेदार होगा।

हमारे 13 सदस्य जीते थे। एक सदस्य को भाजपा के नेताओं के दबाव में 207 वोटों से हरवा दिया गया। हमारे 12 सदस्य हैं और सबसे बड़ा दल होने के नाते कई अन्य सदस्यों ने हमारा समर्थन किया है। सपा का ही जिला पंचायत अध्यक्ष होगा। - राघवेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, नगर ग्रामीण इकाई, सपा

नौ सदस्य जीते हैं और इतने ही हमारे संपर्क में हैं, जो समर्थन देने को तैयार हैं। भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की पूरी कोशिश करेगी। पिछली बार चार से बढ़कर समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। दो सदस्य अनुसूचित जाति से हैं। स्वप्निल वरुण और राजा दिवाकर में एक नाम आलाकमान जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए तय करेगा। - कृष्ण मुरारी शुक्ला, जिलाध्यक्ष, नगर ग्रामीण इकाई, भाजपा

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नंबर गेम
जिला पंचायत के कुल सदस्य - 32
जिपं अध्यक्ष बनाने को जरूरी सदस्य  - 17
सपा समर्थित सदस्य - 12
भाजपा समर्थित सदस्य - 9
बसपा समर्थित सदस्य - 5
निर्दलीय (एक निषाद पार्टी) - 6
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