शहीद का दर्जा देने की मांग
ऐशान्या द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग सैन्य सम्मान के बजाय एक राष्ट्रीय पहचान की है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में लोगों का नाम पूछकर उन्हें निशाना बनाया गया। उन निर्दोष नागरिकों ने गर्व से अपना धर्म बताया और गोलियों का सामना किया। उन्होंने ने मांग दोहराई कि जिन निर्दोषों का बलिदान हुआ, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर शहीद का दर्जा मिलना चाहिए, ताकि उनकी शहादत को देश याद रखे।