अगर आप चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन होटल, लॉज और हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग करने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट, जाली नंबर और कंपनी से मिलते जुलते यूआरएल (यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर) की मदद से ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में शहर के कारोबारी और मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत युवक से ठगी हुई है।
अपराधियों ने ठगी का जाल बिछाना शुरू कर दिया
युवक के 18 हजार रुपये होल्ड करा दिए गए हैं, जबकि कारोबारी की रकम तुरंत निकल गई थी। साइबर क्राइम ब्रांच ने अलर्ट जारी किया है। चार धाम की यात्रा शुरू हो गई है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए जाते हैं। शहर से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपने परिजन और दोस्तों के साथ पहुंचते हैं। चार धाम की यात्रा के साथ ही साइबर अपराधियों ने ठगी का जाल बिछाना शुरू कर दिया है।
कई बार कॉल भी आती है
उन्होंने फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स, टेलीग्राम पर फर्जी वेबसाइट और रजिस्टर्ड कंपनी से मिलते जुलते यूआरएल नंबर तैयार किए हैं। साथ में 30 प्रतिशत छूट या अन्य लुभावने ऑफर दिए जाते हैं। इन को सर्च करते ही मैसेज या लिंक मोबाइल में आ जाता है। कई बार कॉल भी आती है। इसके माध्यम से शातिर पूरी प्रक्रिया कराते हैं और ओटीपी तक पूछ लेते हैं। ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर कराते ही मोबाइल नंबर बंद हो जाता है। यह नंबर भी म्यूल होते हैं जिन्हें किसी अन्य की आईडी से एक्टिवेट किया जाता है।
संगठित तरीके से कार्य करते हैं
पूर्वी जोन के साइबर सेल प्रभारी प्रदीप पहलावत के मुताबिक इस तरह के गिरोह संगठित तरीके से कार्य करते हैं। यह सोशल मीडिया पर ऑफर देते हैं। उस पर कोई न कोई लिंक रहता है। आवेदक के निजी जानकारी भरते ही एक तरह से बुकिंग का प्रमाण पत्र या उसकी पीडीएफ कॉपी देते हैं। इसकी वजह से लोग ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करा देते हैं। साइबर क्राइम ब्रांच प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि चार धाम की यात्रा में होटल और हेलीकॉप्टर की बुकिंग में फर्जीवाड़े की शिकायतें आ रही हैं। सभी की जांच कराई जा रही है।