उमस भरी गर्मी बढ़ने से बीमारियां आफत बन गई हैं। गर्मी से रोगियों के पैर की नसें सिकुड़ रही हैं, जिससे गैंगरीन हो रहा है। समर डायरिया की चपेट में सबसे अधिक बच्चे आ रहे हैं। बालरोग अस्पताल फुल हो गया है। एक बेड पर दो-दो, तीन-तीन मरीज हैं। इसके साथ ही फ्लू का हमला तेज है।
मंगलवार को तीन रोगियों की डायरिया से मौत हो गई। इनमें दो बच्चे हैं। इसके साथ ही लू लगने के रोगी भी अस्पताल में आ रहे हैं। हैलट और उर्सला की ओपीडी में आठ रोगी एक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) के आए। ब्रेन स्ट्रोक के दो रोगी भर्ती किए गए हैं।
चौबेपुर के निशंक (3) को डायरिया के बाद निमोनिया भी हो गया। परिजन उसे लेकर हैलट आए थे, लेकिन मौत हो गई। इसी तरह कल्याणपुर के राजा की चार साल की बेटी रजनी की डायरिया के बाद मौत हो गई। उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। नवाबगंज के रोगी जगन्नाथ (72) की डायरिया से मौत हुई है। रात को अचानक तबीयत बिगड़ी और तड़के मौत हो गई। ब्रेन अटैक के दो रोगियों को हैलट इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह ने लोगों से अपील की है कि गर्मी से बचाव करें। डायरिया होने पर तुरंत ओआरएस घोल पीना शुरू कर दें।