एक ओर जहां सरकार पर्यावरण बचाने के लिए पेड़ लगाने पर जोर दे रही है। वहीं कानपुर में रैना मार्केट, एमराल्ड के सामने नीम के पेड़ों को विकास के नाम पर बलि चढ़ा दिया गया। बताया जा रहा है कि यहां शोरूम का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें यह पेड़ बाधा बन रहे थे।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का काम शहरी क्षेत्र में बेरोकटोक चल रहा है। अलग-अलग हिस्सों में कभी निर्माण कार्य के नाम पर तो कभी सुरक्षा के नाम पर हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। ताजा मामले में कानपुर में एमराल्ड के सामने शोरूम निर्माण में बाधा बन रहे नीम के हरे-भरे पेड़ को काट दिया गया।
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इससे क्षेत्रवासियों में रोष है। इस मामले की जानकारी पर्यावरण संरक्षकों ने डीएफओ के संज्ञान तक पहुंचाया। इसके तुरंत बाद ही डीएफओ ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही विभाग की टीम को मौके पर जाकर देखने को भी कहा है।
डीएफओ अरविंद यादव ने इस संबंध में पूरी रिपोर्ट भी संबंधित विभाग के अधिकारियों से देने को कहा है। इसके अलावा यह पता करने को कहा गया है कि पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी या नहीं?
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सख्त कार्रवाई के निर्देश, चलाया जाएगा पौधरोपण अभियान
रैना मार्केट में नीम के पेड़ों की कटाई की शिकायत पर पहुंचीं महापौर ने मौके पर ही कटी हुई लकड़ी को पकड़ लिया। हालांकि महापौर को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। इस मामले में महापौर ने वन विभाग को आरोपियों के खिलाफ न केवल जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है, बल्कि मामले में एफआईआर का भी निर्देश दिया है।
बता दें कि एक तरफ प्रदेश सरकार भले ही हर घर हरियाली जैसी योजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही हो, लेकिन हरे पेड़ों की कटाई पर अभी भी पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया है। महापौर ने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे माफियाओं की मनमानी पर अंकुश लगाया जा सकेगा। यही नहीं महापौर ने कहा कि जल्द ही शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
मामले में उचित कार्रवाई की मांग
पर्यावरण संरक्षकों और संगठनों का कहना है कि पेड़ को काटने की बजाए इसका उपाय निकालना चाहिए था। पेड़ की छटाई या शाखाओं को काटकर बचाया जा सकता था। इसके अलावा रिलोकेट (जड़ सहित जगह बदलना) से भी पेड़ बच सकता था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिसके लिए उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
रैना मार्केट के पास नीम का पेड़ काटे जाने की सूचना पाकर मैंने यहां का निरीक्षण किया। मौके पर पेड़ काटे जाने की सूचना सही निकली। इस मामले में मैंने जांच के निर्देश दिए हैं, जिससे दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। फिर चाहे वह नगर निगम हो या फिर वन विभाग।- प्रमिला पांडेय, महापौर