फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

609 से 167 तक का सफर: री-नीट रिजल्ट में NTA का कारनामा, बार-बार बदले अंक; छात्रा ने शिक्षा मंत्री से की शिकायत

Sat, 18 Jul 2026 06:50 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur NEET Scorecard Chaos: पनकी की नीट छात्रा आर्या सिंह के परिणाम में एनटीए (NTA) की बड़ी तकनीकी लापरवाही सामने आई है। आधिकारिक आंसर-की के अनुसार छात्रा को 609 अंक मिल रहे थे, लेकिन परिणाम जारी होने पर पहले 540 और फिर अचानक घटकर 167 अंक हो गए। छात्रा ने शिक्षा मंत्रालय से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
री-नीट रिजल्ट में NTA का कारनामा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

री-नीट के परिणाम में एनटीए की एक बड़ी चूक सामने आई है। आंसर की में छात्रा को 609 अंक मिले, री-नीट का परिणाम जारी होने पर मार्कशीट में 540 अंक आए और रात दो बजे जब छात्रा ने दोबारा से अपना परिणाम चेक किया, तो अंक 167 रह गए।

विज्ञापन

एनटीए के पोर्टल में स्कोर कार्ड में हुए इस परिवर्तन को देख छात्रा के पैरों तले जमीन खिसक कई। छात्रा ने इसकी शिकायत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, एनटीए में मेल और एक्स के माध्यम से की है। अभी तक पेपर लीक को लेकर शर्मिंदगी झेल रहे एनटीए के खाते में एक और अनचाहा मामला दर्ज हो गया है।

छात्रा के पिता ने कहा- यह बेहद गंभीर मामला है
परीक्षा के बाद जारी ओएमआर शीट और फाइनल आंसर-की के मिलान में 609 अंक प्राप्त करने वाली पनकी निवासी छात्रा आर्या सिंह (आवेदन संख्या- 260410434102) का स्कोर कार्ड 540 से 167 अंक हो गया। छात्रा के पिता और पूर्व सैनिक राकेश कुमार सिंह ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है।

प्रश्न संख्या 77 गायब थी और 85 दो बार दर्ज थी
बेटी के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। पिता ने बताया कि एनटीए द्वारा आधिकारिक पोर्टल पर जारी की गई पहली ओएमआर शीट (नंबर- 3823333) में प्रश्न संख्या 77 गायब थी और 85 दो बार दर्ज थी। इस तकनीकी त्रुटि पर जब उन्होंने पोर्टल के माध्यम से प्रश्न संख्या 77 पर चैलेंज किया।

असल दिक्कत परिणाम जारी होने के बाद हुई
एनटीए ने त्रुटि तो ठीक कर दी, लेकिन उसमें ओएमआर का सीरियल नंबर बदलकर 3824338 कर दिया गया। हालांकि दोनों ही ओएमआर शीट और एनटीए की फाइनल आंसर-की से आर्या को 609 अंक ही मिल रहे थे। असल दिक्कत नीट का परिणाम जारी होने के बाद हुई।

शिक्षा मंत्रालय को ईमेल भेजकर जवाब मांगा
राकेश ने बताया कि जब पोर्टल पर पहला परिणाम देखा गया, तो स्कोर कार्ड में 540 अंक प्रदर्शित हो रहे थे। संदेह होने पर जब दोबारा लॉगइन किया गया, तब भी अंक 540 ही थे। जब तीसरी बार स्कोर कार्ड खोला गया, तो अंक घटकर सीधे 167 पर आ गए और वर्तमान में पोर्टल पर यही स्कोर दिख रहा है। पीड़ित परिवार ने एनटीए और शिक्षा मंत्रालय को सभी साक्ष्यों के साथ ईमेल भेजकर जवाब मांगा है।
विज्ञापन

कोर्ट की शरण में जाएंगे
पूर्व सैनिक राकेश कुमार सिंह का कहना है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर इस गंभीर तकनीकी खामी पर विभाग द्वारा कोई संतोषजनक कार्रवाई या सुधार नहीं किया जाता है, तो वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए न्यायालय (कोर्ट) की शरण में जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें