वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न योजनाओं के तहत जिले की 2537 बेटियों के हाथ पीले कराए जाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े को एक लाख रुपये आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में पहले कन्या के खाते में 35 हजार रुपये भेजे जाते थे जो अब 60 हजार रुपये कर दिए गए हैं। शनिवार को यह जानकारी जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने नवीन सभागार सरसैया घाट में हुई बैठक में दी।
अध्यक्षता सांसद रमेश अवस्थी ने की। बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा व सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अपने घर से विवाह करने वाली पात्र बेटियों को 20 हजार रुपये, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शामिल बेटियों को एक लाख रुपये व श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों की पुत्रियों के विवाह पर 51 हजार रुपये का अनुदान देने का नियम है।
2025-26 में अनुसूचित जाति की 985 व सामान्य वर्ग की 593 बेटियों की शादी का लक्ष्य तय किया गया। पात्र
http://shadianudan.upsdc.gov. पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले को 959 बेटियों के विवाह का लक्ष्य मिला है। इसके लिए आवेदक की वार्षिक आय सीमा दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। बैठक में शिक्षा विभाग से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सांसद ने स्कूलों में लगातार फीस वृद्धि व अभिभावकों को स्कूलों के माध्यम से किताबें व ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य करने की शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने व जल्द प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में एडीएम सिटी डाॅ. राजेश कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी वीरपाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।