कानपुर में इलाज के बिल मरीज को न दिए जाने पर मरीज को अपनी बीमा कंपनी से क्लेम नहीं मिल सका। इसे सेवा में कमी मानते हुए उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार ने तुलसी हॉस्पिटल को 45 दिन में इलाज में खर्च हुए 53 हजार रुपये, दस हजार रुपये क्षतिपूर्ति व पांच हजार रुपये वाद व्यय के साथ परिवादी को देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इलाज के सभी कागज भी परिवादी को देने होंगे।
लक्ष्मीपुरवा निवासी शिवकुमार ने अपनी पत्नी व बेटी का 25 जून 2016 को सिविल लाइंस स्थित तुलसी हॉस्पिटल से इलाज कराया था। दोनों के इलाज में कुल 53 हजार रुपये खर्च हुए थे, लेकिन अस्पताल की ओर से बिल नहीं दिया गया। बिल न मिलने के कारण शिवकुमार बीमा कंपनी से इलाज में खर्च रुपयों का क्लेम नहीं ले सके। शिवकुमार ने हॉस्पिटल को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन नोटिस लेने से इन्होंने कर दिया गया।