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Kanpur: ओटीपी नहीं…हैप्पी कोड पूछकर शातिर कर रहे थे ठगी, साइबर सेल को क्रिकेटर-रेसलर से मिलीं कई जानकारियां

Sun, 02 Nov 2025 10:53 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: आईपीएल की तैयारी कर रहे दिल्ली के क्रिकेटर विवेक शर्मा और पंजाब के रेसलर अनुज तोमर  ने पूछताछ में बताया कि क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर हैप्पी कोड पूछकर ठगी करते थे। वहीं, गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।
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दिल्ली का क्रिकेटर विवेक शर्मा और चंडीगढ़ का रेसलर अनुज तोमर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में आईपीएल की तैयारी कर रहे दिल्ली के क्रिकेटर विवेक शर्मा और पंजाब के रेसलर अनुज तोमर ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर लोगों से ठगी की है। उन्होंने ओटीपी की जगह पीड़ितों से कोड और हैप्पी कोड पूछकर वारदात की। यह जानकारी क्राइम ब्रांच की साइबर सेल को मिली है। उन्होंने गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश तेज कर दी है। उसे दिल्ली, चंडीगढ़, महाराष्ट्र और राजस्थान की पुलिस ठगी में पहले पकड़ चुकी है।

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गुजैनी निवासी सुनील कुमार खन्ना की ठगी की रिपोर्ट पर साइबर सेल ने मोहाली से अनुज तोमर और दिल्ली से विवेक शर्मा को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेजा था। उनके पास से थार कार, मोबाइल, लैपटॉप, 1.23 लाख का बैट, क्रिकेट किट समेत कई महंगी वस्तुएं बरामद कीं। पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह के मास्टरमाइंड के बारे में जानकारी दी।

 

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लोग अनजान में ही अपना ओटीपी दे देते थे
साइबर सेल प्रभारी शिवकुमार शर्मा ने बताया कि गिरोह में तीनों का काम बंटा हुआ था। विवेक शर्मा और अनुज तोमर कॉल करके लोगों को फंसाते थे। शिकार की डिटेल और उसके बारे में जानकारियां मास्टरमाइंड देता था। उसका कार्य फर्जी सिम हासिल कर उसकी मदद से ठगी करना था। आरोपी ओटीपी की जगह कोड या हैप्पी कोड पूछते थे। इससे लोग अनजान में ही अपना ओटीपी दे देते थे।

20 कॉल में किसी एक शिकार को फंसाने का था लक्ष्य
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि मास्टरमाइंड निजी बैंकों के खाताधारकों की सूची मुहैया कराता था। आरोपी विवेक शर्मा और अनुज तोमर उन सूची में से केवल 20 लोगों को कॉल किया करते थे। उनका लक्ष्य किसी एक को फंसाने का रहता था। कोड वर्ड में इसको टी-20 नाम दिया था। आपस में बातचीत के लिए कहा करते थे आज टी-20 का खेल है।

मास्टरमाइंड के बारे में कई राज उगले हैं
शुरुआत की कॉल में अगर कोई ठगी का शिकार हो जाता था, तो उसको बेहतर ओपनिंग कहते थे। अगर आखिरी में कोई फंसता तो उसको कांटे की टक्कर नाम दिया था। कई बार कोई नहीं फंसता तो उसको मैच हारना नाम दिया था। साइबर सेल के प्रभारी के मुताबिक विवेक शर्मा और अनुज तोमर ने मास्टरमाइंड के बारे में कई राज उगले हैं। उसकी गिरफ्तारी से कई बात सामने आएगी। कुछ दिन पहले ही उसने एक बैंक के खाता धारकों की अच्छी खासी लिस्ट दी है।
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दूसरे राज्यों की पुलिस से मांगी डिटेल
मास्टरमाइंड की तलाश में क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने दिल्ली और हरियाणा पुलिस से जानकारी मांगी है। वह दोनों आरोपियों की तरह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है लेकिन उसको ठगी करने का ज्यादा अनुभव है। मास्टरमाइंड पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है। वारदात के लिए किराये का कमरा लेकर रहता है और कुछ समय बाद दूसरे शहर निकल जाता है।
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