आधी रात फोन आने पर, परिवार में मचा था हड़कंप
नितिन की पत्नी अंकिता शुक्ला को 10 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे कंपनी के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय से फोन आया था। उन्हें बताया गया था कि जहाज पर ड्रोन हमला हुआ है। नितिन और उनके सभी 21 साथी सुरक्षित होने की जानकारी से परिवार को राहत मिली, लेकिन पति से सीधे बात होने तक चिंता बनी रही। प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका अंकिता के सामने छह साल की बेटी शानवी और दो साल के बेटे वरदान को संभालने की जिम्मेदारी भी थी।
पासपोर्ट जला, भारत वापसी के लिए जुटाने पड़े दस्तावेज
हमले में जहाज तबाह होने के साथ नितिन के जरूरी दस्तावेज भी जल गए थे। ऐसे में भारत लौटने के लिए दस्तावेजों की व्यवस्था और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना चुनौती बन गया। परिवार ने उनकी वापसी के लिए प्रयास किए और सांसद रमेश अवस्थी से संपर्क किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को नितिन भारत पहुंचे।
बेटे को सकुशल देखकर भावुक हो गए पिता
भाजपा के सह कोषाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष शैल शुक्ला अपने साथियों के साथ लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से नितिन को लेकर श्याम नगर स्थित उनके घर आए। बेटे को सकुशल देखकर पिता राजेश शुक्ला भावुक हो गए। उन्होंने नवरात्र के पावन दिनों में बेटे की वापसी को माता रानी का आशीर्वाद बताया।