कानपुर में भीषण गर्मी के कारण बीमारियों का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है। समर डायरिया की चपेट में सबसे अधिक बच्चे हैं।
कानपुर में पारा फिर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह रहा है। इससे गर्मी की बीमारियों का हमला भी तेज है। गर्मी अधिक होने से रोगियों को गुर्दे की समस्या हो रही है। इसके साथ ही फ्लू का संक्रमण तेज हो गया। रोगियों के गले में संक्रमण हो रहा है। रोगियों के गुर्दे फेल हो रहे हैं। सोमवार को दो रोगियों की मौत हो गई।
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इसके साथ ही कई रोगियों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया है। समर डायरिया की चपेट में सबसे अधिक बच्चे हैं। बालरोग अस्पताल में निमोनिया, डायरिया और इंसेफ्लाइटिस के रोगी आ रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि इस वक्त वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के संक्रमण बढ़े हुए हैं। घाटमपुर के रहने वाले राम संजीवन (64) की गुर्दा फेल होने से मौत हो गई।
वह डायबिटीज और दमा के रोगी रहे हैं। रामादेवी के अस्पताल में उनकी डायलिसिस चल रही थी। परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले उन्हें डायरिया हो गया और संक्रमण बढ़ गया। इसी तरह सिविल लाइंस के विपिन (48) की मौत हुई है। उनकी एक महीने से डायलिसिस हो रही थी। वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिन्हा ने बताया कि गर्मी की वजह से एक्यूट किडनी इंजरी हो रही है। ज्यादातर रोगी इलाज से ठीक हो जाते हैं।