बिल्हौर। बीते दिनों तहसील परिसर के एक स्टांप वेंडर की दुकान से कई लाख रुपये के स्टांप पेपर चोरी होने के मामले में अभी तक पुलिस कोई खुलासा नहीं कर सकी है, जिसके विरोध में सोमवार को बिल्हौर तहसील में स्टांप वेंडर हड़ताल पर रहे। वेंडरों के हड़ताल पर रहने के बावजूद भी स्टांप बिक्री और बैनामा होने पर बार अधिवक्ताओं ने रोष जताते हुए स्टांप चोरी मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक पत्र भी पुलिस अधिकारियों को सौंपा।
30 नंवबर की रात तहसील परिसर में कोतवाली के समीप वेंडर मुकेश, शिव गोपाल सैनी और वीरेंद्र कटियार के लोहे की संदूक में रखे कई लाख रुपये के स्टांप चोरी हो गए थे, करीब एक सप्ताह बाद भी मामले का खुलासा न होने और चोर के न पकड़े जाने को लेकर सोमवार को तहसील के सभी स्टांप वेंडर हड़ताल पर थे। मुकेश, शिवगोपाल, वीरेंद्र के साथ, वेद प्रकाश कटियार, सुरेश मिश्रा, राम गोपाल आदि हड़ताल पर थे, लेकिन उक्त वेंडरों के हड़ताल पर रहते हुए भी कई अधिवक्ताओं द्वारा भूमि बैनामा के लिए स्टांप खरीदकर रजिस्ट्री कराने को लेकर विवाद होने लगा। मामले का संज्ञान लेकर बिल्हौर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बैठक बुलाई। वरिष्ठ अधिवक्ता महेश त्रिवेदी, केके श्रीवास्तव, रजनीकांत यादव, महामंत्री उत्तम अग्निहोत्री के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में हुई स्टांप चोरी का अभी तक खुलासा न होने पर रोष जताते हुए पुलिस को एक पत्र लिखकर निष्पक्षता से पूरी जांच करने और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने का पत्र पुलिस अफसरों को सौंपा। इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामकिशोर पाल, अभिषेक पांडे, विजय कटियार, नितिन कटियार, कमल मिश्रा आदि मौजूद रहे।