कोरोना का नया वैरिएंट कमजोर सेहत वाले पुराने रोगियों को अधिक सता सकता है। डायबिटीज, लिवर, गुर्दा, कैंसर, अस्थमा, सीओपीडी आदि रोगों के पुराने रोगियों में इसके गंभीर लक्षण उभर सकते हैं। विशेषज्ञों ने इन्हें सचेत रहने की सलाह दी है। नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियंस स्थिति पर नजर रखे हैं। कॉलेज के सेंट्रल जोन चेयरमैन डॉ. एसके कटियार का कहना है कि स्पष्ट स्थिति उभरने पर इसकी गाइडलाइन दी जाएगी।
डॉ. कटियार ने बताया कि जिन लोगों को पहले कोरोना हुआ है, उनमें एंटीबॉडीज चन गई हैं। इससे वैरिएंट के संक्रमण से सुरक्षा मिल सकती है। इसके अलावा वैक्सीन लगवाने वालों में भी कोई गंभीर नक्षण आने की संभावना नहीं है। लेकिन राने रोगियों तथा बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं भी सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे ग जिन्होंने गुर्दा ट्रांसप्लांट कराया है, उन्हें क्कत हो सकती है।