पांच अगस्त को जारी हुई कैग की रिपोर्ट में उल्लेख है कि कानपुर नगर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के रिकॉर्ड की जांच के दौरान कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड द्वारा संचालित 84 जेएनएनयूआरएम बसों का मामला सामने आया।
ये बसें दिसंबर 2019 से सितंबर 2022 के बीच कानपुर नगर निगम की निर्धारित सीमा से बाहर अन्य मार्गों पर संचालित हो रही थीं। उत्तर प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम के तहत नगर निगम क्षेत्र के बाहर चलने वाली राज्य परिवहन उपक्रमों की बसों पर अतिरिक्त कर का भुगतान अनिवार्य है।
आरटीओ द्वारा बसों के रूट चार्ट की सही समय पर जांच न करने के कारण इन 84 बसों पर देय 1.38 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर वसूला ही नहीं जा सका। उप-निबंधक कार्यालयों (सदर प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ) में जमीनों के पंजीकरण के समय दस्तावेजों में मुख्य मार्ग से दूरी, आवासीय गतिविधियों और गाटा संख्या की वास्तविक स्थिति को छिपाकर कृषि दरों पर रजिस्ट्री कराई गई।
भू-स्वामियों द्वारा तथ्य छिपाकर किए गए सौदों में स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की 1.08 करोड़ रुपये की कम वसूली पाई गई। रिपोर्ट में भविष्य में ऐसी चूकों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।