बिल्हौर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेटरनिटी विंग में डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। एक गर्भवती के प्रसव आपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने सर्जरी में कुछ कपड़े (पट्टी) प्रसूता के पेट में ही छोड़ दिया। इससे प्रसव के कुछ दिन बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। इसके बाद पीड़िता के पति ने उसे कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया।
वहां डॉक्टरों के पैनल ने कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा ऑपरेशन कर पेट में छूटे कपड़ों को बाहर निकाला। प्रसूता का इलाज अब भी कानपुर के हैलट अस्पताल में चल रहा है। कस्बे के आशिक बाग मोहल्ला निवासी संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी प्रियंका का प्रसव बीते वर्ष 1 नवंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेटरनिटी विंग में हुआ था। आरोप लगाया कि कि डॉ. रश्मि सूरी, डॉ. सुनीता और उनके नर्सिंग स्टाफ ने ऑपरेशन के दौरान कुछ पट्टियां और कपड़े पत्नी के पेट में ही छोड़ दिए।