जनप्रतिनिधियों की ओर से मार्ग प्रकाश व्यवस्था और शिकायतों के निस्तारण को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। इसके बाद नगर आयुक्त ने विभागीय स्तर पर स्थिति की समीक्षा कर कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच में प्रथम दृष्टया कर्मचारियों की कार्यशैली में लापरवाही और अनुशासनहीनता सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
मामले की विस्तृत जांच के लिए अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच के दौरान कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, शिकायतों के निस्तारण और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की जाएगी। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि नगर निगम के कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।