अब री-टेंडरिंग कराई जाएगी
कम फॉर्म वाले कार्यों की अब री-टेंडरिंग कराई जाएगी। नाम न छापने की शर्त पर कुछ ठेकेदारों ने बताया कि टेंडर के साथ जमा होने वाली सिक्योरिटी मनी फंसने, काम मिलने के बाद बाबू से लेकर अधिकारियों के स्तर तक कमीशन देने का दबाव और काम पूरा होने के बाद जांच के नाम पर भुगतान रोकने का डर बना है। यही वजह है कि कई ठेकेदार नगर निगम के बजाय दूसरे विभागों में काम तलाश रहे हैं। हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े कार्यों को लेकर यह आशंका और ज्यादा है, क्योंकि इसी से जुड़े मामलों की जांच चल रही है।
298 टेंडर पहले हो चुके निरस्त, 16 सितंबर पर टिकी नजर
भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद 15वें वित्त से जारी 125 करोड़ रुपये के 298 कार्यों के टेंडर निरस्त कर दिए गए थे। इनमें करीब 40 करोड़ रुपये के काम हॉट मिक्स प्लांट से होने हैं। इन कार्यों के लिए 16 सितंबर को दोबारा निविदा आमंत्रित की गई है।
विकास कार्यों में धांधली के आरोप में दर्ज हुईं छह प्राथमिकी
पिछले माह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर नगर निगम के ठेकों में माफियागिरी होने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने स्वरूपनगर में पांच और फजलगंज में एक एफआईआर दर्ज की। सभी मुकदमे विकास कार्यों में धांधली के आरोपों से जुड़े हैं। नगर निगम ने ठेके से जुड़ी पांच फर्मों को ब्लैकलिस्ट भी किया है।
टेंडर डालने के लिए ठेकेदार आ रहे हैं। जिन कार्यों में कम फॉर्म आए हैं, उनकी री-टेंडरिंग कराई जा रही है। अन्य विभागों से भी समन्वय किया जा रहा है और उनके हॉट मिक्स प्लांट से जुड़ी फर्मों को भी निविदा प्रक्रिया में आमंत्रित किया गया है। -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त