हॉट मिक्स प्लांटों में भरा पानी
पीडब्ल्यूडी के हिस्से की सड़कों की मरम्मत भी हॉट मिक्स प्लांटों में पानी भरने से प्रभावित है। विभाग के हिस्से में करीब 45 से 50 सड़कें हैं। इनमें करीब 12 सड़कें ऐसी हैं, जिनका निर्माण या पुनर्निर्माण होना है। इसमें डबल पुलिया, विजयनगर, संचान गेस्ट हाउस से नंदलाल चौराहा, रावतपुर से कंपनी बाग, विजयनगर से पनकी पड़ाव, भाटिया चौराहा, वीआईपी रोड और माल रोड समेत कई प्रमुख सड़कें शामिल हैं।
पीडब्ल्यूडी का काम भी प्रभावित
बारिश के कारण पीडब्ल्यूडी के हमीरपुर रोड स्थित प्लांट और ठेकेदारों के भीतरगांव, रमईपुर व पनकी स्थित हॉट मिक्स प्लांटों में पानी भर गया है। पानी की निकासी न होने से प्लांट नहीं चल पा रहे हैं और निर्माण सामग्री तैयार नहीं हो रही है। इससे कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। विभाग ने बारिश थमने के बाद सड़कों को गड्ढामुक्त करने की योजना बनाई है। छोटे-बड़े गड्ढों वाली सड़कों पर पक्का पैचवर्क कराया जाएगा, जबकि पूरी तरह क्षतिग्रस्त सड़कों का दोबारा निर्माण होगा।
नगर निगम के टेंडरों की स्थिति
- 1.60 करोड़ रुपये के 19 पैचवर्क टेंडर के लिए एक भी ठेकेदार नहीं मिला।
- 4.50 करोड़ रुपये के 156 सड़क निर्माण कार्यों में 25 के लिए कोई टेंडर नहीं आया।
- 30 कार्यों में केवल एक या दो ठेकेदारों ने भाग लिया। नियमानुसार तीन फर्म होना जरूरी।
- 101 कार्यों के टेंडर ही प्राप्त हुए, चल रही जांच।
बड़े सवाल कैसे सुधरेंगी सड़कें
- री-टेंडरिंग में भी पर्याप्त फर्म नहीं आईं तो क्या काम फिर अटकेगा।
- हॉट मिक्स प्लांटों से पानी निकलने के बाद क्या काम तुरंत शुरू हो पाएगा।
- पीडब्ल्यूडी की 12 प्रमुख सड़कों का काम शुरू नहीं हो सका तो नगर निगम की मदद कैसे होगी।
- 101 कामों के टेंडर होने के बाद भी काम शुरू होने में क्या अड़चन है।
- जिन सड़कों पर पैचवर्क होना है, वहां काम कब तक शुरू होगा।
- पूरी तरह खराब सड़कों के दोबारा निर्माण में कितना समय लगेगा।
केडीए और पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों के साथ बैठक की है। उन्हें नगर निगम में हाल में हुए बदलावों और ई-टेंडरिंग व्यवस्था की जानकारी दी गई है। अब री-टेंडरिंग कराई जा रही है। उम्मीद है कि ठेकेदार इसमें प्रतिभाग करेंगे और जल्द सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त
उच्च अधिकारियों ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। हॉट मिक्स प्लांटों में पानी भरा होने से काम प्रभावित है। उम्मीद है कि एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर पानी निकल जाएगा और प्लांट चलने लगेंगे। इसके बाद सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। -अनूप मिश्रा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी