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कानपुर: कैसे कर रहा था महंगा इलाज? मां बोली- बर्रा के दोस्त ने अंकित को फंसाया, कार लेने की कर रहा था तैयारी

Fri, 30 Oct 2026 09:32 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सेन पश्चिम पारा स्थित पीएम आवास (सकरारपुर) से यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए अंकित शंखवार के मामले में उसकी मां सावित्री और परिजनों ने नए खुलासे किए हैं। मां का दावा है कि अंकित का आतंकी या गलत गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है। बर्रा-आठ दामोदर नगर निवासी उसके एक दोस्त ने उसे फंसाया है, जो खुद गलत काम करता है।
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अंकित संखवार के परिजन मां सवित्री शंखवार, पिता प्रहलाद शंखवार और भाभी ममता शंखवार - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में यूपी एटीएस ने शनिवार को अंकित नामक युवक को सेन पश्चिमपारा थानाक्षेत्र के सकरारपुर से उठाया था। अब उसकी मां सावित्री ने बेटे को निर्दोष बताया है। कहा कि बर्रा-आठ दामोदर नगर में रहने वाला अंकित का दोस्त गलत काम करता है। अब अंकित को जबरन फंसाया जा रहा है।

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मूलरूप से सजेती थाना क्षेत्र के ग्राम अनोईया निवासी प्रहलाद संखवार पहले बर्रा के दामोदरनगर में किराये में रहते थे। उन्होंने 20 जुलाई 2025 को दो लाख रुपये में सेन पश्चिमपारा थानाक्षेत्र में सकरारपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में ब्लॉक पांच में एक कमरे का फ्लैट खरीदा था। यहां प्रहलाद, पत्नी सावित्री, छोटे बेटे अंकित के साथ रहते हैं।

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इंटर के बाद छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई
घर खर्च चलाने के लिए प्रहलाद आज भी हाथ रिक्शा चलाते हैं और सावित्री मजदूरी करती हैं।  वहीं, ब्लॉक तीन में उनका बड़ा बेटा अतीत, पत्नी ममता और दो बच्चों के साथ किराये का फ्लैट लेकर रहता है, जबकि मंझला बेटा धर्मेंद्र अरुणाचल प्रदेश में नगर निगम में संविदा में कार्यरत है। प्रहलाद ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण अंकित को इंटर के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।

कहता था- शेयर मार्केट में पैसा लगा रहा
कभी-कभी वह मजदूरी करता था। अंकित ने वर्ष 2021 में स्कूटी खरीदी थी। मोबाइल और लैपटॉप पर उसकी व्यस्तता देख घरवाले पूछते तो वह कहता था कि शेयर मार्केट में पैसा लगा रहा है, जिससे उसकी कुछ आमदनी हो जाती है। भाभी ममता ने बताया कि शनिवार को कॉलोनी में वह और अंकित घूम रहे थे तभी दो लोग आए और अंकित को लेकर चले गए थे।

आवास योजना में फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया था
बताया था कि पूछताछ के बाद छोड़ देंगे। अब छह दिन से उसका कुछ पता नहीं चल सका है। थाने, चौकी के भी चक्कर काट लिए। बताया कि उसने कई बार शेयर मार्केट में पैसा लगाकर मुनाफे की भी बात बताई थी। बड़ा मुनाफा होने पर उसने बड़े भाई अतीत को भी आवास योजना में फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया था। बताया कि अंकित अपनी मां के लीवर और आंख का इलाज भी प्राइवेट अस्पताल में करा रहा था।

अंकित को उठाया तो भाई अतीत हुआ नदारद
शनिवार को छोटे बेटे अंकित को यूपी एटीएस ने उठाया तो बड़ा भाई अतीत नदारद हो गया। पत्नी ममता ने बताया कि उनका फोन नहीं मिल रहा है। करवाचौथ के त्योहार पर भी वह नहीं आए।

परिजन बोले- कानपुर के बाहर कभी नहीं गया
पिता प्रहलाद का कहना है कि उनका बेटा अंकित कभी कानपुर से बाहर नहीं गया। मां सावित्री का कहना है कि उनका बेटा सिर्फ शेयर मार्केट में पैसा लगता था। उनको अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है कि वह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था।
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कार लेने की कर रहा था तैयारी
चर्चा है कि अंकित शेयर मार्केट में ही पैसा लगाता था। वह घर का खर्च भी पूरा चला रहा था और मां का इलाज भी करा रहा था। उसने हाल ही में एक नई कार भी लेने की बात कही थी जिसे सुनकर परिजन भी हैरान हो गए थे। उन्होंने पूछा भी था कि इतने पैसे कहां से लाओगे।
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